आईएपी बिहार शाखा ने विश्व फिजियोथेरेपी दिवस मनाया,उचित अवसर और सुविधाओं की गई मांग

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अनुग्रह नारायण सिन्हा संस्थान में आज आईएपी बिहार शाखा के द्वारा विश्व फिजियोथेरेपी दिवस मनाया गया जिसमें मुख्य आतिथी परिवार कल्याण एवम स्वास्थ्य केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे विशिष्ट आतिथी राम कृपाल यादव एवम इदिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डाक्टर एन. के विश्वास ने दी प्रज्ज्वलित कर उद्धाटन किया। इस कार्यक्रम में राज्य के प्रत्येक जिलो से आए फिजियोथेरापिस्ट चिकित्सकों ने शिरकत किया।

22 सालो से मनाया जा रहा है विश्व फिजियोथेरेपी दिवस

आईएपी के राज्य के अध्यक्ष डा.नरेद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि विश्व भौतिक चिकित्सा परिसंध ने 8 सितम्बर को विश्व फिजियोथेरेपी दिवस मनाने का संकल्प 1997 में लिया तब से विश्व भर में भौतिक चिकित्सको के द्वारा यह दिवस मनाया जाता है इस दिवस को मनाने के पीछे हमारे फिजियोथेरेपी संवर्ग के प्रचार प्रसार इस के क्षेत्र में आए नए नए अन्वेषणों नए प्रयोगो को मानव समाज के बीच प्रचारित करना है इस दिवस के अवसर पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से लोगो के बीच इस संवर्ग के लिए जागरूकता लाना है। अपने संवाद के दौरान उन्होंने केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा फिजियोथेरेपी संवर्ग के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यो की सराहना की और बताया की अभी इस क्षेत्र में अभी सरकार को और कार्य करने है उन्होने उपस्थित मंत्री परिवार कल्याण एवं स्वास्थ्य माननीय अश्विनी कुमार चौबे से मांग की, की हमें क्लिनिकल एसटैबैलिजमेन्ट एक्ट में हमारे लिए जो मानक तैयार किए गए है वो सही नही है और उसमें सुधार की जरूरत है, हमें विश्व स्वास्थ्य संगठन में वर्णित परिभाषा के तर्ज पर स्वंतत्र रखा जाए हमें अपने मरीजों की जाँच उनके चिकित्सीय परामर्श एवम परीक्षण करने का स्वतंत्र अधिकार दिया जाए। जिससे हम मरीजों को उचित परामर्श दो पाए और उनका सफल ईलाज कर पाए। यदि अन्य विकसित देशों के मुकाबले हम अपने देश के फिजियोथेरेपी संवर्ग को खडा करना चाहते हैं तो हमें यह हक दिया जाए तभी हमारा उचित विकास हो पाएगा। उक्त मौके पर उपस्थिति आतिथियो ने भी उक्त मांग का समर्थन माननीय मंत्री महोदय के सामने हमारे विशिष्ट आतिथी पाटलिपुत्र सांसद राम कृपाल यादव और इँदिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक एन. आर. विश्वास ने भी रखी।
कार्यक्रम के दौरान आईएपी बिहार के सचिव डाक्टर उमाशंकर सिन्हा ने आधुनिकता के इस दौर में फिजियोथेरेपी की महत्ता पर प्रकाश डाला उन्होंने बताया आज फिजियोथेरेपी मानव समाज के उस तबके को मुख्य धारा में लाने का काम करती है जो शारिरिक अस्वस्थता के कारण अपने दैनिक क्रिया कलापों को संपादित नही कर पाते उन्हें फिर से शारिरिक और मानसिक तौर पर स्वस्थ कर मुख्य धारा में जोड़ने का काम करती है। आज दवा के दुष्प्रभावों से मानव समाज अवगत है हमारी चिकित्सा पद्धति के माध्यम से हम मरीजों को दवाई के बिना चंगा कर उन्हें जीवनदान देते हैं।

कार्यक्रम के दौरान आईएपी बिहार के सभी जिलों से आए हुए सदस्यों की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम आयोजन समिति के अध्यक्ष डाक्टर नरेंद्र कुमार सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन किया जिसमें राज्य के तमाम जिलो से आए हुए भौतिक चिकित्सको को बोलते हुआ कहा कि हमारी चिकित्सीय सेवा मानवता के लिए वरदान है हम उनलोगो को काम करने,चलने फिरने लायक बनाते है जो किसी ना किसी बिमारी के कारण अक्षम हो जाते है। हम मरीज को सेवा देते देते उनके इतने करीबी हो जाते है कि घर में किसी तरह की चिकित्सीय परामर्श की आवश्यकता होती है तो मरीज के घरवाले पहले हमसे परामर्श लेते हैं। डाक्टर उमाशंकर सिन्हा ने एक बात कही जब कोई बीमार व्यक्ति इलाज के लिए हमारे पास आता है तो वो मरीज बनकर आता है मगर जब वह हमारे यहाँ से कुछ दिनो में ठीक होकर जाता है तो हमारा दोस्त बन जाता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के तर्ज पर फिजियोथेरेपी दिवस परिभाषित करने के लिए मंत्री महोदय से निवेदन किया।


आयोजन समिति के सचिव डाक्टर अविनाश चौधरी ने फिजियोथेरेपी समारोह में आए हुए आतिथियो को धन्यवाद ज्ञापन किया और माननीय मंत्री महोदय से क्लिनिकल एस्टैबैलिजमेंट एक्ट में फिजियोथेरेपी के लिए जो परिभाषा जताई गई है उसपर खेद व्यक्त करते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन के तर्ज पर परिभाषित करने के लिए मंत्री महोदय से निवेदन किया। समारोह में इँदिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान के डाक्टर विनय पाण्डेय, डाक्टर रत्नेश चौधरी बोधगया के फिजियोथेरेपी काँलेज के विभागाध्यक्ष डाक्टर रोहित कुमार सिन्हा, महावीर वात्सल्य फिजियोथेरेपी काँलेज के डाक्टर पल्लवी मौजूद रहे। दरभंगा से आए हुए डा अकिल सिद्दकी ने विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर अपनी मौजुदगी रखी और उत्तर बिहार के जिलो का प्रतिनिधित्व किया। कार्यक्रम के दौरान डा उदयशंकर प्रसाद भुतपूर्व व्याख्याता बिहार काँलेज आँफ फिजियोथेरेपी एवम आँकुपेशनलथेरापी पटना को लाइफटाइम एचीवमेंट अवार्ड माननीय मंत्री जी के हाथो प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिक सत्र का भी आयोजन किया गया जिसमें राज्य के विभिन्न काँलेजो के व्याख्याता ओ के द्वारा वैज्ञानिक सत्र में अपने व्याख्यान दिया गया। कार्यक्रम के दौरान आईएपी के बिहार शाखा के सयुंक्त सचिव और राज्य के एकमात्र बिहार सरकार के संचालित डिस्ट्रिक्ट अर्ली इन्टरवेंसन के डा मृत्युंजय कुमार तथा डा देवव्रत ने कार्यक्रम के सुचारू रूप से संचालित करने में अहम भूमिका निभाई आईएपी बिहार के सदस्य डा.सुनील कुमार, डा.अक्षय कुमार, डा.पंकज कुमार, डा.सुजीत , डा प्रियदर्शी कुमार डा.गुंजन जयराम,डा.नसर नसीम, डा अजित कुमार एवम् राज्य के विभिन्न जिलो से आए फिजियोथेरेपी के विशेष चिकित्सको ने कार्यक्रम में शिरकत कर कार्यक्रम को सफल बनाया।

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