सहरसा स्थित वेव क्लासेज के आधा दर्जन से अधिक छात्रों ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा में मारी बाजी

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वेव क्लासेज सहरसा से इस बार आधा दर्जन से भी अधिक छात्रों ने मेडिकल की परीक्षा में क्वालिफाइड कर सफलता के झंडे गाड़े है।

राहुल कुमार – 588 अंक

रोहित नयन -545 अंक

विवेक कुमार – 520 अंक

कुसुम – 462 अंक एवं अन्य

मेंडिकल प्रवेश परीक्षा मेडिकल के क्षेत्र में भविष्य बनाना आजकल हर विद्यार्थी का सपना बन चूका है, ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों का सपना होता है मेडिकल क्षेत्र में जाना, छात्र भी उत्सुक रहते है कहां और कैसे करे तैयारी जिससे उनका सेलेक्शन हो जाये, पेरेंट्स को भी चिंता रहती है कि आखिर बच्चों की तैयारी कैसे होगी पूरी और वे भी मेडिकल में प्रवेश लेकर डॉक्टर बने। सहरसा स्थित वेव आईआईटी-मेडिकल कोचिंग क्लासेज जहां प्रथम वर्ष में ही एक एम्स और चार नीट के लिए छात्रों ने क्वालीफाई किया।

सहरसा में पढ़ाई का है अच्छा माहौल, सही दिशा की है जरूरत

बड़े शहरों के चकाचौंध से दूर सहरसा में मेडिकल की तैयारी बहुत ही अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन में कराई जाती है जहां छात्रों एवं उनकी तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। वेब आईआईटी- मेडिकल जॉइन जरूर करें, क्योंकि वहाँ से आपको बहुत ज्यादा मदद मिलती है अपने सिलेबस को समझने में पढ़ने में और मेडिकल परीक्षा बहुत कठिन भी होती है इसलिए कोचिंग क्लास की मदद जरूर लें, कोचिंग क्लास में आपको वो शॉर्टकट्स बताये जाते हैं जिससे आप अपने प्रश्न पत्र के कठिन से कठिन प्रश्न को भी आसानी से और जल्दी हल कर सकते हैं और सबसे अहम बात यह हैं कि आप अपनी परीक्षा से सम्बन्धित किसी भी समस्या को अपने कोचिंग टीचर (Coaching Teacher) से पूछ सकते हैं या फिर आप अपने क्लास के किसी होशियार छात्र से भी अपनी समस्या के बारे में पूछ सकते हैं।

Neet/ medical की तैयारी कैसे करे

परीक्षा की तैयारी से पहले अच्छे से ये जान लें कि आपको पढ़ना क्या है? यानि आप पहले अपने सिलेबस की जानकारी लें और इसमें हर विषय के आधार पर टॉपिक्स की जानकारी ले लें। इन टॉपिक्स या विषय के आधार पर उन्हें टुकड़ों में बांट लें और पढ़ाई के लिए एक लाइब्रेरी तैयार करें। जब आपको परीक्षा के लिए पढ़ाई की शुरुआत कर रहे होते हैं तो आपको सलेक्टिव स्टडी से बचना चाहिए। सबसे पहले आपको हर टॉपिक का विस्तृत अध्ययन करना चाहिए. किसी को भी सेलेक्टिव स्टडी के आधार पर कोई सफलता नहीं मिली। अगर आप शुरू से टाइम के आधार पर तैयारी करेंगे तो आपको परीक्षा के वक्त प्रश्न पत्र हल करने में कोई दिक्कत नहीं होगी. प्रश्न हल करने में तेजी लाने का अभ्यास करें, ताकि आपके पास अपने प्रश्न हल करने और उन्हें दोहराने का पूरा समय हो. इससे आप सवाल के आधार पर टाइम व्यतीत करना सीख सकते हैं।

Wave classes सहरसा की फैकल्टी

फिसिक्स ( Physcis)

फिसिक्स के इंजीनियर संजय कुमार फैकल्टी है जिन्हें 6 वर्षो का पढ़ाने का अनुभव है। फिजिक्स के ही इंजीनियर बी.चंद है जिन्हें टीचिंग में 5 वर्षो का अनुभव है। इनके अनुभव और मार्गदशन से छात्रों को फिसिक्स में दिक्कतें नही होती

केमिस्ट्री ( Chemistry)

केमिस्ट्री के हेड ऑफ डिपार्टमेंट के प्रॉफेसोर अभय कुमार केमिस्ट्री के फैकल्टी है जिन्हें 12 वर्षो का टीचिंग का अनुभव प्राप्त है। इनके साथ केमिस्ट्री के सोनू कुमार फैकल्टी है जिन्हें 5 वर्षो का टीचिंग अनुभव है और केमिस्ट्री के रोशन कुमार फैकल्टी है जिन्हें 4 वर्षो का टीचिंग अनुभव है। इन तीन फैकल्टी के होने से केमिस्ट्री के छात्रों को विषय समझने में आसानी होती है।

Mathematics ( गणित)
आईआईटी एंट्रेंस के लिए गणित का एक अपना महत्व है वेब क्लासेज में मैथेमैटिक्स के हेड ऑफ डिपार्टमेंट के फैकल्टी सत्येंद्र कुमार है जिन्हें 8 वर्षो का टीचिंग का अनुभव है, इनके साथ मैथमेटिक्स के संतोष कुमार फैकल्टी है जिन्हें 6 वर्षो का टीचिंग अनुभव है।

बायोलॉजी ( Biology)

नीट और एम्स के परीक्षा में क्वालीफाई करने के लिए बायोलॉजी सबसे महत्वपूर्ण है। विषयों की पकड़ ही छात्रों को नीट की परीक्षा में क्वालीफाई कराकर उन्हें डॉक्टर बनाती है। वेब क्लासेज में डॉक्टर ऋषि कुमार बायोलॉजी के हेड ऑफ डिपार्टमेंट के फैकल्टी है जिन्हें 3 बर्षो का टीचिंग अनुभव है। इनके साथ डॉक्टर आफताब आलम बायोलॉजी के हेड ऑफ डिपार्टमेंट के फैकल्टी है जिन्हें 3 बर्षो का टीचिंग अनुभव है।

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