पहली बार सरायगढ़ पहुचीं मालगाड़ी, अप्रैल से कोसी महासेतु के रास्ते दरभंगा से सहरसा के बीच चलेगी ट्रेन

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सहरसा-सुपौल-सरायगढ़-फारबिसगंज आमान परिवर्तन परियोजना में तेजी गति से कार्य जारी है। रविवार को मालगाड़ी बलास्ट लेकर सरायगढ़ पहुंची। सहरसा से सुपौल तक का रेलखंड ब्रॉडगेज में परिवर्तित कर उस पर विधिवत रेल परिचालन पहले ही प्रारंभ किया जा चुका है। और साथ ही झंझारपुर तक बड़ी लाइन की ट्रेनें भी पहुच चुकी है। सुपौल से करीब 24 किमी दूर ब्लास्ट लेकर पहली बार सरायगढ़ मालगाड़ी पहुचीं। अब तक 20 रैक ब्लास्ट गिराया गया है। जनवरी तक सीआरएस निरीक्षण करा सहरसा से सरायगढ़ तक ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा।

अप्रैल से सहरसा से जुड़ेगा दरभंगा।

जनवरी से सहरसा से सरायगढ़ तक रेल परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। मार्च तक झंझारपुर से आगे कोशी महासेतु होते हुए निर्मली को सरायगढ़ से जोर दिया जाएगा। झंझारपुर से आगे तेजी गति से कम किया जा रहा है। अप्रैल के महीने में सहरसा, सुपौल, सरायगढ़, कोशी महासेतु होते हुए दरभंगा के लिए सीधी रेल सेवा शुरू की जाएगी। वही सहरसा फारबिसगंज रेलखंड पर भी काम में तेजी आई है। मार्च तक सरायगढ़ को छातापुर से जोड़ने की तैयारी में है रेलवे। 34 की लंबे इस रेलखण्ड में राघोपुर तक ट्रैक बिछा दी गयी है। इस रूट में सभी पुराने भवन तोड़कर स्टेशनों पर नए बिल्डिंग का निर्माण कार्य किया जा रहा है। राघोपुर स्टेशन पर स्टेशन के भवन में प्लास्टरिंग का काम जारी है और ललित ग्राम स्टेशन पर भी कार्य अंतिम चरण पर है। मार्च तक छातापुर तक आमन कार्य पूरा कर लिया जायेगा। छातापुर से फारबिसगंज तक आमान परिवर्तन कार्य मार्च 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा।

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