छातापुर विधायक नीरज सिंह बबलू के प्रयास से गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने किया था सहरसा में बाबू कुंवर सिंह की प्रतिमा का अनावरण, आज आंदोलन, धरना प्रदर्शन का प्रतीक बन कर रह गया।

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बाबू कुंवर सिंह जिन्होंने 80 वर्ष होने के बाबजूद भी 1857 की क्रांति में अंग्रजों के दांत खट्टे कर दिए, आज भी इतिहास में वीर योद्धा के रूप में जाने जाते है बाबू कुंवर सिंह जो लोगो के लिए प्रेरणा का स्रोत है। सहरसा शहर में पिछले साल केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बाबू कुंवर सिंह की मूर्ति का अनावरण किया था। शहर को पहली बार काफी वर्षों बाद खुद पर गौरवान्वित होने का मौका मिला जिसे आज की वर्तमान स्थिति में धरना , आंदोलन के प्रतीक के रूप में सिमट कर रह गया। आए दिन वीर बाबू कुंवर सिंह चौक पर उनकी प्रतिमा स्थल पर धरना, प्रदर्शन, आंदोलन और श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाती है। छातापुर विधायक नीरज सिंह बबलू के प्रयास से केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह को पहली बार ऐसे आयोजन में कोशी की धरती पर आने का मौका मिला था आज अंधेरे में गुम होकर रह गया। प्रतिमा के पास लगें बल्ब बंद ही रहते है साथ ही हाई मास्क लाइट न जाने कितने दिनों से खराब है , वैसे तो सहरसा के अधिकांश हाई मास्क लाइट खराब है जिनकी सुध कोई लेने वाला नहीं है। बाबू कुंवर सिंह की प्रतिमा इस शहर के लिए धरोहर होने के साथ साथ सहरसा का प्रतीक भी है जिसे आज धरने और प्रदर्शन स्थल के रूप में पहचान मिलने लगी है।

शदर थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर है बाबू कुंवर सिंह की प्रतिमा

घोड़े पर सवार बाबू कुंवर सिंह, हाथों में तलवार लिए उनकी प्रतिमा यह बताना चाह रही होगी की इस शहर की रक्षा के लिए अटल और चट्टान की तरह मजबूत रहने की जरूरत है। इससे ठीक उलट शहर में होने वाली हर छोटी से बड़ी होने वाली गतिविधियों के कारण एक भीड़ इक्कठी होकर इस स्थल को प्रदर्शन स्थल के रूप में परिवर्तित कर चली जाती है। शहर के सभी सरकारी दफ्तर से लेकर थाने से महज कुछ मीटर की दूरी पर होने के बाबजूद इसे रोका नहीं जा सका है। इस प्रदर्शन से कई आसामाजिक तत्त्व भी किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं। इस शहर में स्थित धरोहरों को बचाने की जरूरत है ऐसे स्थलों पर धरना प्रदर्शन कर शहर की गरिमा को धूमिल करती नजर आती है।

भाजपा नेता वीर कुंवर सिंह जागरण मंच के सचिव ने जाने क्या कहा

वीर कुंवर सिंह जागरण मंच के सचिव विजय वसंत ने कहा कि आए दिन विभिन्न दल के नेताओं के द्वारा इस जगह पर पोस्टर चिपका दिया जाता है। इससे टाइल्स खराब हो रही है। भाजपा नेता अभिषेक बर्धन ने कहा इस जगह पर पोस्टर चिपकाने से संगमरमर और टाइल्स की खूबसूरती बिगड़ते ही जा रही है रेलिंग के नजदीक मोमबत्ती जलाकर छोड़ दिया जाता है जिससे कि पूरा रेलिंग काला होते जा रहा है। संगम सिंह राजपूत एवं मधेपुरा लोकसभा प्रभारी शशि शेखर सम्राट ने कहा ऐसे धरोहर को संभाल कर रखने की जरूरत है

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