राज्य के मेडिकल कॉलेजों में ट्रॉमा सेंटर डेवलप करेंगी एनएचएआई

0
518

पटना: सड़को की बदलती सूरत ने बिहार की सूरत बदल दी हैं, फोर लेन एक्सप्रेस हाईवे से घंटो में बिहार के किसी भी कोनें तक पहुँचा जा सकता हैं। बेहतर सड़क, सुरक्षा से खिलवाड़, नियमों की जानकारी का आभाव और ओवर स्पीड ने दुर्घटनाओं की संख्या मे बेहताशा व्रद्धि की हैं।

रोज हो नेशनल हाईवे पर हो रहे दुर्घटनाओं और लचर स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण जाती जान को देखते हुए नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया ने राज्य के मेडिकल कॉलेज के साथ मिल कर नये ट्रॉमा सेंटरों को स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन सेंटरों के लिए हाईवे ऑथोरिटी क्रेन और एमबुलेंस भी उपलब्ध करायेगा। एक जानकारी के अनुसार पिछले सात सालों में बिहार में सड़क दुर्घटना में 35 हजार लोग जान गवा चुके हैं, जिनमें सबसे ज्यादा जाने पटना जिले मे गई हैं। नयी पहल से मौत के आकड़ो में कमी लाई जायेगी।

ट्रॉमा सेंंटर बनेंगे हाइवे के पास अवस्थित हस्पताल

हाल में ही विकास आयुक्त के साथ बिहार सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक मे नेशनल हाईवे पर हादसों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गये हैं, जिन मे से अहम फैसला हाईवे पर स्थिति अस्पतालों को ट्रॉमा सेंटर में बदलने का हुआ। इन ट्रॉमा सेंटर मे 24 घंटे चिकित्सकों को उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी फैसला हुआ।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here