8 दशक बाद कोशी महासेतु से पहली बार गुजरी ट्रेन,सुपौल से सरायगढ़ तक होगा स्पीडी ट्रायल

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80 वर्ष बाद पहली बार कोशी महासेतु से ट्रेन गुजरी, 6 जून 2003 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस कोशी महासेतु की आधारशिला रखी थी। 2012 में यह सेतु बनकर तैयार हो गया लेकिन अभी तक इस महासेतु होकर रेल नही चल सकी थी। बीती रात सहरसा सरायगढ़ के रास्ते ब्लास्ट लेकर पहली बार इस महासेतु से ट्रेन गुजरी। जल्द ही कोशी महासेतु से ट्रेन चलने का सपना साकार होने वाला है। सहरसा से सरायगढ़ के रास्ते कोशी महासेतु होते हुए आशनपुर कुपहा तक 31 मार्च से ट्रेनें चलने लगेंगी। सहरसा से सुपौल तक बड़ी लाइन की ट्रेनो का परिचालन शुरू हो चुका है। सरायगढ़ तक इसी महीने सीआरएस निरीक्षण कर मार्च से ट्रेनें चलने लगेंगी। दरभंगा से झंझारपुर तक बड़ी लाइन की ट्रेनें चल रही है। झंझारपुर से आगे कोशी महासेतु की और काम तेजी से चल रहा है। जून तक निर्माण कार्य पूरा कर सहरसा से कोशी महासेतु के रास्ते दरभंगा तक सीधी रेल सेवा शुरू की जाएगी।

सुपौल से सरायगढ़ के बीच होगा स्पीडी ट्रायल

सुपौल से सरायगढ़ के बीच 19 फरवरी को स्पीडी ट्रॉयल किया जाएगा। सुपौल से आगे सरायगढ़ तक पटरी बिछ गई है। 19 फरवरी को सुबह 11:30 से शाम 4 बजे तक स्पीडी ट्रायल किया जाएगा। स्पीडी ट्रायल सफल होने के बाद ही सीआरएस निरीक्षण करने की रिपोर्ट भेजी जाएगी जिसके बाद इस महीने के आखिरी हफ्ते में सीआरएस निरीक्षण किया जाएगा। अगले महीने से सुपौल से आगे सरायगढ़ तक रेल सेवा शुरू की जाएगी।

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