अगले साल से कोशी महासेतु होकर चलेगी रेल,1934 में प्रयालंकारी भूकंप में ध्वस्त हो गया था रेल लाइन

0
15521

पूर्व मध्य रेल ने पटना में आयोजित रेल परामर्शदातृ समिति की बैठक में आयोजित की जिसमें रेल के विकास और परियोजनों पर चर्चा की गई। इस दौरान जीएम ललित चंद्र त्रिवेदी ने कहा कि अगले साल मानसून के पहले कोशी रेल महासेतु होकर ट्रेन चलने लगेगी। बता दे कि सहरसा से सरायगढ़ होते हुए दरभंगा को जोड़ने की योजना में 2020 तक का समय लग सकता है। मौजूदा समय में सहरसा से सुपौल तक बड़ी लाइन का कार्य चल रहा है, जिसपर अक्टूबर 2019 तक ट्रेन चलने लगेगी। सहरसा से सरायगढ़ तक ट्रेन चलने के बाद कोशी से दरभंगा की दूरी कम हो जाएगी, साथ ही सहरसा और आसपास के जिलों को दिल्ली का नया रास्ता मिलेगा। दरभंगा-सहरसा-फरबिसगंज का 1934 के भूकंप के बाद से कोशी नदी के रास्ता बदल लेने के कारण संपर्क भंग हो गया था, जो आजतक तक बंद पड़ा है।

यात्री सुविधाओं का किया जा रहा विस्तार

पुर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक ने कहा कि रेलवे यात्री सुविधाओं के विस्तार में तत्पर है। उन्होंने कहा कि सभी रेल खंडों को विधुतीकरण करने की दिशा में काम किया जा रहा है और पैसेंजर ट्रेनों को डीएमयू और ईएमयू में बदला जा रहा है। यात्री सुविधाओं को देखते हुए ट्रेनों में एलएचबीच कोच लगाए जा रहे है। पटना जंक्शन पर अब कुल्हड़ में चाय मिलनी शुरू हो गयी है और जल्द ही प्रमुख स्टेशनों पर कुल्हड़ में चाय मिलना शुरू हो जाएगी। विधयाक ललन कुमार सरार्फ ने मधेपुरा में प्लेटफार्म का उच्चीकरण करने की मांग की ।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here