कोशी महासेतु होकर मार्च से चलेगी ट्रेन,1934 से रेल का इंतजार,सहरसा सरायगढ़ रेल दिसंबर से

0
10589

मिथिलावासियो का कोशी महासेतु होकर रेल से सफर करने का सपना अगले साल पूरा हो जाएगा। कोसी महासेतु रेलपुल होकर ट्रेन दौड़ाने लायक फरवरी 2020 तक आमान परिवर्तन का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। मार्च में इस पुल से ट्रेन परिचालन शुरू हो सकती है। समस्तीपुर मंडल स्वर्णिम 50 वर्ष पर जारी किताब में दी गई जानकारी मुताबिक कोसी पुल के पूर्वी दिशा में ट्रैक बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है। पश्चिम साइड में वर्ष 2017 में आई बाढ़ में क्षतिग्रस्त दो बड़े पुल को ठीक किया जा रहा है। 516 करोड़ की यह परियोजना फरवरी 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

बड़हरा कोठी-बिहारीगंज आमान परिवर्तन कार्य अगले साल के मार्च तक

बड़हरा कोठी-बिहारीगंज आमान परिवर्तन कार्य अगले साल के मार्च महीने में पूरा होगा। वहीं 192 करोड़ रुपए लागत वाली बिहारीगंज-कुरसेला भाया रुपौली 35 किमी नई रेललाइन कार्य का आंशिक विस्तृत प्राक्कलन 42.99 करोड़ राशि से स्वीकृत हुई है। इसमें कुरसेला तरफ से जमीन अधिग्रहण शुरू हुआ था जो पर्याप्त धनराशि के अभाव में रुका है।


सरायगढ़ तक ट्रेन परिचालन इसी साल :

सहरसा को सरायगढ़ से जोड़ने के लिए गढ़ बरुआरी से सरायगढ़ तक 35.4 किमी आमान परिवर्तन कार्य पूरा करते ट्रेन परिचालन इसी साल दिसंबर 2019 तक करने की योजना है। सरायगढ़ से फारबिसगंज तक आमान परिवर्तन कार्य चलना बताते सरायगढ़ से छातापुर रोड तक मार्च 2020 में ट्रेन पृचलन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। छातापुर से फारबिसगंज तक मार्च 2021 में ट्रेन परिचालन शुरू करने की योजना है। मंडन मिश्र से झंझारपुर तक 9 किमी में अंतिम चरण में चल रहे काम को पूरा करते इसी साल दिसंबर और निर्मली व झंझारपुर से लौकहा बाजार तक मार्च 2021 तक आमान परिवर्तन कार्य पूरा करने की योजना है। दरभंगा-सहरसा-फरबिसगंज का 1934 के भूकंप के बाद से कोशी नदी के रास्ता बदल लेने के कारण संपर्क भंग हो गया था, जो आजतक तक बंद पड़ा है।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here