अररिया- गालगलिया रेल लाइन के काम में तेजी आयी । जरूर पढ़े ।

0
3100

सुपौल/किशनगंज हाल ही में केंद्र सरकार ने 450 करोड़ों रुपए की राशि महत्वपूर्ण गलगलिया- अररिया परियोजना के लिए स्वीकृत किए है। पूर्वी भारत को उत्तर भारत से कम समय में जोड़ने वाली इस परियोजना से भारत के पड़ोसी देशों को भी लाभ होगा। इस रेल परियोजना में अब तेजी दिखने लगी है, जिसके तहत भूमि अधिग्रहण का काम शुरू हो चुका है। किशनगंज के जिलाधिकारी ने इस परियोजना के महत्व को देखते हुए भूमिं अधिग्रहण के काम में तेजी आयी है, जिसमें भू अर्जन विभाग द्वारा ठाकुरगंज के गलगालिया अंचल में में 5 एकड़ भूमि के अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है। ऐसी अन्य 4 जगहों पर इस हफ्ते अधिग्रहण का काम पूरा होने की उम्मीद है।

पूरे खंड का अपना सामरिक महत्व

सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण दरभंगा-सकरी-निर्मली-फारबिसंगज और गलगलिया-अररिया रेल लाइन बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। जहाँ चीन भारत के सीमा तक हाई स्पीड रेल कॉरीडोर और सड़के बिछा चुका हैं, वहीं हमारे यहाँ आज भी आमान परिवर्तन और नयी लाइन का कार्य चल ही रहा हैं। मालूम हो की 1934 से पहले दरभंगा फारबिसंगज के बीच थी सीधी सेवा। गौरखपुर-रक्सौल-सीतामढी़-दरभंगा-फारबिसंगज 1934 से पहले रेलवे का ट्रंक रूट हुआ करता था।

84 साल से सेवा का इंतजार

84 साल बाद आज भी कभी रेलवे के मुख्य मार्ग मे एक रहे दरभंगा-फारबिसंगज रेल लाइन को सेवा का इतंजार हैं। इस मार्ग के साथ अररिया-गलगलिया और अररिया सुपौल के बीच नयी रेल मार्ग का काम प्रस्तावित है। मालूम हो की गलगलिया-अररिया- फारबिसंगज- दरभंगा- रक्सौल- गौरखपुर के इस मार्ग से पूर्वोंत्तर के राज्यो से दिल्ली की दूरी में 350 किलोमीटर की कमी आयेगी।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here