Success story: ऑटो ड्राइवर की बेटी बनी जज,पिता के लिए गर्व का पल

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आज ऐसे ही कुछ छात्रों की के किस्से लेकर आये है जो मोटीवेट करती है और छात्रों को आगे बढ़ने के लिके प्रेरणा देती है। 2018 में उत्तराखंड में पूनम ने टॉप कर रचा था इतिहास और बताया था कि सफलता कठिन परिश्रम से ही हासिल की जा सकती है। उत्तराखंड स्थित देहरादून की रहने वाली पूनम ने पीसीएस की कठिन माने जाने वाली परीक्षा में पास कर जज बन गयी। एक तरफ जहां देहरादून में नामी गिरामी प्राइवेट स्कूल है तो वही सरकारी स्कूल से पढ़ाई कर अपने सपने को साकार किया। इससे पहले दो बार साक्षात्कार के बाबजूद भी पूनम असफल रही लेकिन उन्होंने हार नही मानी और पीसीएस की परीक्षा में पास कर बनी जज। पूनम टोडी पिछले चार साल से पीसीएस की तैयारी कर रही थी। दिल्ली में कोचिंग लेने के बाद घर से ही पढ़ाई की और दो बार साक्षात्कार में असफल होने के बाबजूद अपने लक्ष्य पर टिकी रही। इस बीच इनका चयन उत्तरप्रदेश में सहायक अभियोजन अधिकारी के रूप में भी हुआ लेकिन पूनम ने ज्वाइन नहीं किया।

ऑटो ड्राइवर है पूनम के पिता और उन्हें अपनी बेटी पर गर्व

पूनम के पिता ऑटो ड्राइवर है। इससे पूर्व वह टिहरी में प्रचुन की दुकान चलाते थे लेकिन दुकान का व्यापर ज्यादा दिनों तक टिक नही सका और वह परिवार समेत देहरादून आ गए। पूनम के पिता अशोक कुमार ज्यादा पढ़े लिखे नही है लेकिन उन्होंने अपने बच्चों को पढ़ाया। ऑटो चलाकर जो भी कमाया उन्होंने बच्चों की पढ़ाई में लगा दी। पूनम के जज बनने के बाद पिता के आंसू झलक गए।

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