एएसपी की पहल दरभंगा पुलिस को मिलेंगी खटरा गाड़ियों से मुक्ति

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    मनु महाराज के एसएसपी कार्यकाल के स्वर्णिम दिन तो दरभंगा में सबको याद होगा ही, अब नये एसएसपी के प्रयासों की भी दरभंगा में तारीफ हो रही हैं। दरभंगा के पहले ट्रैफिक थाने सहित कई कार्यों
    एसएसपी की पहल से चर्चा मे आये एसएसपी की नयी पहल भी दरभंगा में पॉजिटिव न्यूज बन रही हैं। जी हाँ हम बात कर रहे हैं, पुलिस की उन गाड़ियों की जिन की समय पर सर्विस ना हो पाने के कारण गस्ती सहित कई आपराधिक वरादात पर पहुँचने में पुलिस महकमे को परेशानी का समाना करना पर रहा था। नयी व्यवस्था के तहत गाडियों को रखरखाव सही समय पर होना शुरू हो गया हैं,जिससे गश्ती और छापेमारी के लिए न तो परेशानी का सामना करना पड़ेगा और न ही अब भाड़े पर गाड़ी लेने की नौबत आएगी।

    मालूम हो की पिछले माह एसएसपी की अपराध गोष्ठी के दौरान, एसएसपी कुमार ने बैठक करने के बाद सभी थाने व ओपी की गाड़ियों को चेक किया था। चेंकिग के दौरान अधिकांश गाड़ियां खराब पाई गईं। पूरी चेंकिग में एक ही गस्ती जीप सही पायी गई, बाद में एसएसपी ने चालक की कार्यप्रणाली से खुश होकर पुरस्कृत किया।

    प्राप्त सूचना अनुसार दरभंगा जिले के 26 थाने व 12 ओपी सहित चार अंचलों की अधिकांश गाड़ियां खराब थीं। इन के अधिकतर समय खराब होने के कारण रोज की कार्यप्रणाली पर असर हो रहा था। नौबत यहां तक थी की जरूरत को देखते हुए भाड़े पर गाड़ी लेने के लिए पदाधिकारियों को मजबूर होना पड़ता था।

    नयी वयवस्था के तहत मरम्मत हेतु स्थानीय वर्कशॉप की मदत ली गयी। हालांकि पुलिस विभाग की गाड़ियों को लेने से स्थानीय वर्कशॉप कतराते रहे और शुरुआती दिनों में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा । लेकिन, इसका हल स्वयं एसएसपी ने निकाल दिया। एसएसपी ने पुलिस लाइन में अपनी देखरेख में एक गाड़ी की मरम्मत कराई और इस के तहत उन्होने सर्विसिंग के बाद उस गाड़ी को हर पहलू पर परखा। सब कुछ सही पाए जाने पर उन्होंने मिस्त्री को मजदूरी के अलावा इनाम स्वरूप राशि प्रदान की। इस पहल का व्यापक असर हुआ और इसके बाद मिस्त्रियों में होड़ मच गई । दोनार स्थित गैराज मिस्त्री शहाबुद्दीन व लाइटहाउस सिनेमा हॉल चौक गैराज मिस्त्री मो. रजी और उनके कर्मी लगातार अब यह काम कर रहे हैं। इसका परिणाम भी देखने को मिल रहा है।

    एसएसपी ने इसके लिए पूरी मेकेनिज्म तैयार की है, जो बहुत ही अनोखी है। मरम्मत को आने वाली गाड़ियों में जो खराब पार्टस हैं उसे बदलने से पहले मोबाइल से फोटो ली जाती है। दूसरे चरण में इसके बाद नए पार्टस को लगाने से पहले व लगाने के बाद की तस्वीर लगाकर मिस्त्री बिल देते हैं। जिसके बाद कागजी कार्रवाई कर भुगतान कर दिया जाता है। बताया गया कि कुल 46 गाड़ियों की मरम्मत की जानी है। सबसे संतोषजनक पहलू यह है की कल तक पुलिस की गाड़ी मरम्मत करने से मिस्त्री भी हिचक रहे थे। लेकिन, आज के दिनों में मरम्मत करने के लिए मिस्त्रियों में होड़ मच गई है। एसएसपी द्वारा बारी-बारी से सभी गाड़ियों को मरम्मत कराने का आदेश दे दिया। इसके बाद तो गाड़ियों की मरम्मत में आंधी आ गई ।

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