सवर्णो के भारत बंद का व्यापक असर दरभंगा,मुज़फ़्फ़रपुर,आरा सहित कई जगहों पे हिंसक झड़प रोकी गयी कई ट्रेने

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केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसूचित जाति व जनजाति एक्ट ( एससी/एसटी ) के विरोध में आज विभिन्न संगठनों खासकर सवर्णों के द्वारा भारत बंद किया जा रहा है, और आज इस बंद का राज्य के कई शहरों व्यापक असर दिख रहा। खबरे है की बिहार के आरा,भोजपुर,मुज़फ़्फ़रपुर जिले में सड़कों पर आगजनी और हिंसक झड़पे हुई।

वही ट्रेनों के परिचालन पर इसका व्यापक असर हो रहा है। दरभंगा से चलने वाली बिहार संपर्क क्रांति सुपरफास्ट और वैशाली एक्सप्रेस को बंद समर्थको द्वारा रोक कर रखा गया। दरभंगा जंक्शन पर एक घंटे विलंभ से बिहार संपर्क को खोला गया,ताजा समाचार लिखे जाने तक ये गाड़ी लहेरियासराय स्टेशन पर बंद समर्थको द्वारा दोबारा रोका गया,जिससे आम यात्री जो कानपुर,लखनऊ,दिल्ली के लिए यात्रा कर रहे उन्हें कठिनायों का सामना करना पड़ रहा है।

आरा और भोजपुर में हिंसक झड़प

आरा शहर के कलेक्टोरेट और पुलिस अधिकक्षक कार्यालय के पास धारा 144 लागू है। शहर के बस स्टैंड पर बंद समर्थको और बंद विरोधियो के बीच जमकर रोड़ेबाजी हुई। वही भोजपुर एसपी अवकास कुमार ने कहा की फिलहाल स्थिति सामान्य हैं। भोजपुर में अब तक कुल 56 लोगो की गिरफ्तारी हुई है। किसी के घायल होने की सूचना नही है। वहाँ बंद समर्थको की विरोधी पार्टी ने बंद समर्थको पर 6 राउंड पर फायरिंग की है। शहर में पुलिस द्वारा पेट्रोलिंग की जा रही है और यातायात अब सामान्य हो रहा है। उधर गया के मानपुर ब्लॉक में बंद समथकों की पुलिस के साथ भिड़न्त हुई है जिसमें पुलिस दल के दो लोग घायल हो गए है। वही 6 लोगो को हिरासत में लिया गया है। जिसमे एक लड़की भी है। गया के एएसपी बलिराम चौधरी ने बताया की अब सब कुछ सामान्य हो गया है। आरा और गया के अलावा बिहार के अधिकांश जिलो में बंद का मिला जुला असर देखने को मिल रहा,दो अक्टूबर के बंद की तरह आज भी बिहार के ज्यादातर जिलो के बाजार बंद है।

देश के कई हिस्सो में हुई हिंसा

वही अगर देश के अन्य राज्यो की बात करे तो राजस्थान के जयपुर और मध्य प्रदेश के भोपाल में धारा 144 लागू कर दी गयी है। राजस्थान ले झालावाड़ जिले में बाजार बंद होने की रिपोर्ट आयी है। वहा आरक्षण का विरोध कर रहे लोगो ने मोटर साइकिल रैली का आयोजन किया। भारत बंद के मध्यनजर राजस्थान,मध्य प्रदेश और अन्य राज्यो में प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है। गृह मंत्रालय ने कहा है की किसी भी तरह की हिंसा के लिए जिले के डीएम और एसपी को जिम्मेदार माना जाएगा।

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