कब होगा सहरसा जं पर प्लेटफार्म का निर्माण ,देखे रिपोर्ट।।

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सहरसा । सहरसा जं पर प्लेटफार्म निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। 25 दिसंबर 2016 को लिए गए ब्लॉक की कार्य अवधि 3 महीने की थी। मार्च 17 तक हर हाल में प्लेटफार्म निर्माण कार्य पूरा कर ट्रेन चलानी थी। रेलवे का कहना है कि दिसंबर तक प्लेटफार्म निर्माण पूरा कर ट्रेन चलाई जाई जाएगी। लेकिन कार्य की गति देखकर लग रहा है कि प्लेटफार्म निर्माण का कार्य दिसंबर तक भी पूरा कर पाए। प्लेटफार्म की कमी के कारण आउटर पर ट्रेनों को प्लेटफार्म प्लेस करने के लिए इंतजार करना पड़ता है। रेलवे को कम से कम प्लेटफार्म संख्या 3 का निर्माण पूरा कर ट्रेनों को प्लेस कराए ताकि ट्रेन समय पर चल पाए। निर्माण करा रहे अभियंता का कहना है कि बालू की कमी एक बड़ी और मुख्य समस्या है। लेकिन बिहार सरकार का कहना है कि रेलवे के काम के लिए कोई बालू की कमी नहीं है।

सहरसा जं के प्लेटफार्म संख्या 3 पर शेड ऊँचा किया जा रहा है लेकिन जब छोटी लाइन चलती थी तो उतनी ही दूरी तक शेड ऊँचा करने की तयारी में रेलवे नए शेड लगाने का कोई काम नहीं कर रही,रेलवे आनन फानन ने प्लेटफार्म का निर्माण करने में लग गई है,ताकि गर्मी में धूप में यात्रियों को ट्रेन का इंतजार करना पड़ सकता है।

प्लेटफार्म संख्या 2 को 3 से 4 और 5 को जोड़ने के लिए फुट ओवर ब्रिज पर स्लैब का निर्माण किया जा रहा है। जल्द ढलाई कर इस निर्माण कार्य को पूरा करने की संभावना है।इस फुट ओवरब्रिज का निर्माण पिछले 1 साल से चल रहा है। रेलवे पार्सल ऑफिस के ठीक बगल में प्लेटफार्म संख्या 2 के इसी हिस्से में स्वचालित सीढ़ियों का निर्माण कराएगी। जिसका निर्माण अक्टूबर से शुरू होने की उम्मीद है।


प्लेटफार्म संख्या 4 और 5 पर अभी बहुत से काम बाकी है,मिट्टी भराई से लेकर ढलाई का काम भी बाकी है,इट भी नहीं बिछाई गई है ना ही शेड के लिए लगने वाले गर्डर की ब्यबस्था की गई।
इन सब से बड़ी समस्या है केबल की कमी,निर्माण विभाग से जुड़े अधिकारी ने कहा था कि जून तक केबल की व्यवस्था हर हाल में उपलब्ध करा दी जाएगी ,लेकिन केबल की कमी सिर्फ समस्तीपुर रेल मंडल में ही होती है । आप को बता दे भारत सरकार के संचार मंत्री मनोज सिन्हा है केबल की व्यवस्था इसी विभाग से होती है लेकिन बहाना कब तक चलेगा जब इनके मंत्री खुद रेल राज्य मंत्री है, एक खत से केबल की कमी को दूरी की जा सकती है जो बहुत पहले ही रेलवे को करना चाहिए था।

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