सहरसा बंगाली बाज़ार सहित कोशी की लंबित रेल योजनाओं का मुद्दा संसद में उठाया सुपौल की सांसद ने

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सुपौल/सहरसा लोकसभा में सुपौल की सांसद ने कोशी और सीमांचल की हो रही उपेक्षा पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि सहरसा फारबिसगंज कार्य पिछले 10 सालो में भी पूरा नहीं हो सका है। सांसद ने कोशी के लोगो के साथ हो रहे भेदभाव पर केंद्र से सवाल किया। उन्होंने कहा कि सहरसा फारबिसगंज रेल परियोजना को 2008 में पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन पिछले 10 साल में ये योजना जमीन पर नहीं उतर पाई है।

सांसद ने कहा कि रोजाना 2 करोड़ की आबादी ट्रेन पकड़ने के लिए सहरसा या पटना आती है, और अन्य प्रदेश में काम करने जाने वाले मजदूरों को सहरसा जं पर निर्भर रहना पड़ता है। सांसद ने कहा कि सहरसा से सुपौल आमना परिवर्तन का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। सहरसा से गढ़ बारुआरी तक आमान परिवर्तन का कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन केबल के कमी के कारण अभी तक रेल नहीं चलाई जा सकी। सांसद ने कहा कि सुपौल अररिया गलगालिया तक रेल लाइन की स्वीकृत हुई थी, लेकिन अभी जमीन अधिग्रहण भी नहीं हुआ है। वहीं निर्मली से सरायगढ़ तक रेल पिछले 10 सालो में नहीं चल पाई है। सांसद ने कहा की बिहारीगंज से बीरपुर नई रेल लाइन का सर्वे की घोषणा हुई, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो पाया है। सांसद ने इन सभी योजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा ताकि लोगो की परेशानी कम नहीं हो ।

1 कमेंट

  1. माननीय सासंद मोहदय जी को यह कार्य के लिय बहुत – बहुत धन्यवाद् परन्तु काम जितना जल्दी पूरा हो सके उतना जल्दी कोसी वासी को सुकून मिलेगा इसके लिए स धन्यवाद

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