रेलवे ने अपनी जमीनों पर बनाये घरों और दुकानों पर लाल निशान लगाना शुरू किया, लूप लाइन मधेपुरा की ओर बनाने की योजना

0
2053

1960 के दशक तक सहरसा से मधेपुरा होते हुए कटिहार तक सीधी रेल जाती थी। लेकिन अभी घूमकर मधेपुरा की ओर ट्रेनो को जाना पड़ रहा है जिससे समय का नुकसान होता है। अब ट्रैकों पर बढ़ते दबाब के कारन रेलवे अपने पुराने रास्ते होकर आने वाले समय मे मधेपुरा की ओर सीधी रेल चलाने की योजना पर विचार कर रही है ऐसे में रेलवे की खाली पड़ी जमीन पर पिछले 60 दशक में कई अवैध मकान, दुकान यहा तक कि कॉलोनी बस चुकी है यहा तक बताया जा रहा है कई अतिक्रमणकारियों ने कब्जा की गई जगहों को किराया पर लगा दिया है।

बस स्टैंड , गंगजला होते हुए कारु खिरहरी हाल्ट तक लगेगा निशान

रेलवे ने अतिक्रमण कर बनाये गए पक्का और कच्चा स्ट्रक्चर पर लाल निशान लगाना शनिवार से शुरू कर दिया गया है। रेल कर्मी द्वारा शहर के बस स्टैंड रोड से गंगजला चौक से आगे तक शनिवार को लाल निशान लगाते रहे। दो से तीन दिन में कारु खिरहरी हाल्ट तक लाल निशान लगा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 250 अतिक्रमणकारियों को रेलवे की तरफ से नोटिस दिया गया है। इसमें कितना पक्का और कितना कच्चा स्ट्रक्चर है इसे स्थल पर पहुंचकर कर्मियों ने शुक्रवार को नोट कर लिया था। संख्या वाइज पक्का और कच्चा स्ट्रक्चर की सूची सदर एसडीओ को उपलब्ध कराई जाएगी। अतिक्रमण करने वालों में 125 महादलित भी हैं जो बस स्टैंड के पीछे रहते हैं।

www.waveclasses.org

जिला प्रशाशन की सहयोग से रेलवे की जमीन से दूकानों को खाली कराया जाएगा।

आईओडब्ल्यू ने कहा कि जिला प्रशासन के सहयोग से रेलवे की अतिक्रमित जमीन को खाली कराया जाएगा। रेलवे की अतिक्रमित जगहों से खुद से कब्जा नहीं हटाने पर रेलवे जिला प्रशासन के सहयोग से खाली कराएगा। लाल निशान भी सदर एसडीओ के कहने पर लगाया जा रहा है।


कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here