तेजस एक्सप्रेस का विरोध पंहुचा सहरसा,रेलकर्मियों ने किया विरोध

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देश की पहली प्राइवेट ट्रैन तेजस का विरोध लखनऊ से सहरसा पहुंच चुका है। तेजस ट्रेन का जिम्मा आईआरसीटीसी को देने का विरोध सहरसा स्थित रेल कर्मियों ने भी किया। रेलवे यूनियन से जुड़े रेलकर्मियों ने किया प्रदर्शन और रेल को निजीकरण की ओर ले जा रही भारत सरकार तेजस ट्रेन के परिचालन का जिम्मा आईआरसीटीसी को देने का विरोध शुरू हो गया है। शुक्रवार को ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन की सहरसा शाखा के बैनर तले जुटे रेलकर्मियों ने सरकार के फैसले के खिलाफ नारेबाजी की।

रेलकर्मियों का काम छीन निजीकरण का विरोध


एआईआरएफ के जीएम और इसीआरकेयू के जोनल मंत्री विश्वमोहन सिंह के निर्देश पर प्रदर्शन करने रेलकर्मी जुटे थे। यूनियन ऑफिस के प्रदर्शन कर रहे यूनियन नेताओं का कहना था कि हम रेलकर्मियों का काम छीन निजीकरण के रास्ते रेलवे को ले जाने की साजिश हो रही है। प्रदर्शन इसीआरकेयू सहरसा के शाखा मंत्री संजीव कुमार के नेतृत्व और अध्यक्ष प्रभात कुमार की अध्यक्षता में हुई। शाखा मंत्री संजीव कुमार ने कहा कि तेजस ट्रेन का संचालन आईआरसीटीसी को देना निजीकरण की ओर रेलवे को ले जाने का ट्रेलर है। भारत सरकार मजदूर विरोधी है। रेलकर्मियों का रोजगार छीन निजीकरण को बढ़ावा देने में जुटी है। उन्होंने कहा कि ट्रेनों का संचालन निजी हाथ में चला जाएगा तो रेलकर्मियों के परिवार के समक्ष खाने के लाले पड़ जाएंगे। इसका जिम्मेवार भारत सरकार होगी। सरकार की इस मजदूर व सरकारी कर्मी विरोधी नीति को कभी सफल नहीं होने देंगे। इसका विरोध जारी रहेगा। प्रदर्शन कार्यक्रम में उपाध्यक्ष सुभाषचंद्र झा, संयुक्त शाखा मंत्री सुनील कुमार, जे के सिंह, प्रकाश चन्द्र, स्नेह रंजन, संगठन मंत्री अभय कुमार, अभय कुमार सिंह, धर्मवीर महाराज सहित अन्य कर्मी शामिल थे।

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