पूर्णिया जिला रेल के मामले में उपेक्षित,सहरसा पूर्णिया रेलखंड पर ट्रेनों की कमी

0
3216

पूर्णिया(purnea times)। पूर्णिया बिहार का जनसंख्या दृष्टि से पांचवा प्रमुख शहर है।
पर बिहार या भारत के किसी कोने से यहाँ ट्रेन द्वारा जाना हो तो लोग सोच में पड़ जाते है।
यहाँ रेलवे कनेक्टिविटी में सुधार की जरूरत है।दो स्टेशन पूर्णिया व पूर्णिया कोर्ट व दो जोन पूर्वोत्तर सीमांत व पूर्व मध्य रेल होने के बावजूद भी ट्रेनों की संख्या नाम मात्र है।
जोगबनी-कटिहार
और पूर्णिया-सहरसा लाईन पर स्थित होने के बाद भी ट्रेन न के बराबर है।
जोगबनी कटिहार लाइन में 7 जोड़ी पैसेंजर व एक एक्सप्रेस रोजाना तथा एक त्रिसप्ताहिक एक्सप्रेस व
पूर्णिया सहरसा लाइन में केवल तीन जोड़ी पैसेंजर व 2 एक्सप्रेस रोजाना,व दो द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस चलती है।
अरबों खर्च होते रेल लाइन बनने में ट्रेन चलवा नही पाते।
पिछड़े कोसी-सीमांचल की जनता की सुध लेने वाला कोई नहीे है।
सीमांचल की अन्य परियोजना अररिया-गलगलिया 2007 और जलालगढ़-किशनगंज 2008 व बिहारीगंज-कुरसेला 2008 में स्वीकृत हुई थी।
अब तक जमीन अधिग्रहण भी न हो पाया।
अमान परिवर्तन योजना में फारबिसगंज-सहरसा-दरभंगा व बनमनखी – बिहारीगंज अब तक लटकी हुई है।
जोगबनी,पूर्णिया,अररिया जैसे स्टेशन इसी इलाके के बारसोई, किशनगंज जैसों स्टेशन से आय में बहुत पीछे है।
अब ट्रेन ही न रहेगी तो पैसेंजर और आय कहाँ से आएगी। सब बड़े स्टेशन की तरफ भागेंगे
यहाँ के लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए बस,ऑटो के धक्के खाने पड़ते है और रात होटलों , वेटिंग रूम में बिताना पड़ता
समस्तीपुर डिवीजन को 2017-18 की तुलना में 2018-19 में 10 करोड़ का घाटा हुआ।
लेकिन अधिकारियों का कहना कि पिछले साल की तुलना में लोग बेटिकट यात्रा करने लगे समझ से परे है। आय काम होने का कारण ट्रेने लेट चलना लोगों का बस की ओर रुख करना है रेलवे को आय बढ़ाने के लिए नयी संभावना तलाश करनी चाहिए।

पूर्णिया इलाके को ही देखें तो
यहां के यात्री बस से यात्रा करते और कटिहार, किशनगंज, बारसोई, दालकोला, भागलपुर, जाकर ट्रेन पकडते जिससे पूमरे को राजस्व की हानि हो रही।
पूर्णिया कोर्ट पूमरे का अंतिम स्टेशन है यहां टर्मिनल  बनाकर ट्रेने देनी चाहिए जिससे राजस्व का बढेगा और
जिससे मधेपुरा, मुरलीगंज, बिहारीगंज, रानीगंज, बनमनखी,पूर्णिया और  इससे सटे कई क्षेत्रों को फायदा होगा।
Purnea times
Twitter

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here