पूर्णिया कोर्ट स्टेशन के कब सुधरेंगे हालात??

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पूर्णिया कोर्ट ( रमेश अग्रवाल)। पूर्णियाँ सहरसा रेलखंड पर पुर्णियाँ कोर्ट रेलवे स्टेशन समस्तीपुर रेलमंडल का अंतिम स्टेशन है ,पूर्णिया के लोगो के लिए लाइफ लाइन इसी स्टेशन को माना जाता है। पुर्णियाँ कोर्ट मे आधे से ज्यादा पैसेंजर्स उतरते हैं इन्हें से ज्यादा पुर्णियाँ शहर के निवासी हैं तो घर जाना होता है शेष लाईनबाजार जिसे बीमारी घर कहा जाता जहाँ हजारों डॉक्टरों कि प्रैक्टिस नियमित रूप से होती है और हर तरह का ईलाज यहाँ किया जाता है।पटना के बाद अब ईलाज के मामले मे पुर्णियाँ दुसरे नंबर पर है जहाँ लोग लाईनबाजर ईलाज करवाने आते जाते रहते है।दुसरे तीसरे नंबर पर केस मुकदमा लड़नेवाले कोर्ट कचहरी आने जाने वाले पुर्णियाँ कोर्ट स्टेशन हीं उतरते है जैसा कि स्टेशन के नाम से ही प्रतीत होता है।शेष कटिहार किशनगंज जाने वाले बस के सफर वाले बाजार करने वाले पुर्णियाँ उतरते जिन्हे सोना चांदी कपड़ा बर्तन रेडियो घड़ी टेलीविजन एल सी डी फ्रीज कोई इलेक्ट्रॉनिक सामान कमप्यूटर लेपटॉप मोबाईल आदि खरीदना हो वे पुर्णियाँ कोर्ट रेलवे स्टेशन उतरकर बाजार का रूख करते।जिसप्रकार इस स्टेशन के सर्वांगीण विकास के रेल अधिकारी मुँह मोड़े हैं उसी तरह राज्य सरकार भी आसपास के क्षेत्र सड़क आदि के विकास मे सुस्त है।पानी कीचड़ टूटी फुटी सड़के यहाँ की नियति है।
भारतीय रेल इस अहम स्टेशन पर केवल पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव देती है।शेष यात्री चैन पुलिंग कर बीस पच्चीस दिन जरूर उतरते ऐसी सुत्रों से जानकारी है।और आए दिन चैन पुलिंग कर सैकड़ों लोग, महिलाएं ,बच्चे, बुढ़े नौजवान सभी जबरण इस कदर उतरकर चलते बनते है। रेल सुरक्षा बल को इसे रोकना चाहिए।क्षेत्र की जरूरत को देखकर भारतीय रेल कायहाँ सभी रेलो का ठहराव दे इससे राजस्व भी बढ़ेगा रेल सेवा भी बढ़ेगी।

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