पीयूष गोयल ने कहा नही होगा रेलवे का निजीकरण,पीपीपी मॉडल पर होगा काम

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भारतीय रेल ने आ रही चुनौतियों से निपटने के लिए पिछले 5 वर्षों में रेल परियोजनाओं(Infrastructures) में तेजी से कार्य किया है। इसमें भारतीय रेल के 13 लाख कर्मचारियों ने अपना सराहनीय योगदान दिया। रेलमंत्री पीयूष गोयल ने संसद में रेल मंत्रालय के लिए वर्ष 2019-20 के अनुपूरक मांग (रेल भाग) पर बहस के दौरान कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के विकास के लिए पिछले 5 वर्षों में अनवरत कार्य किया है ।

रेल के विकास में पिछले पांच सालों में दौगुनी रफ्तार से कार्य हुआ

रेलमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014-19 के बीच नई रेल लाइन निर्माण, दोहरीकरण, तीसरी लाइन एवं चौथी लाइन निर्माण में 64% की वृद्धि हुई है । इसी प्रकार वर्ष 2009-14 के मध्य 3038 किलोमीटर के सापेक्ष वर्ष 2014-19 के मध्य 13687 किलोमीटर रेलपथ का विद्युतीकरण कार्य पूरा हुआ । वर्ष 2013-14 में विद्युतीकरण का कार्य लगभग 650 किलोमीटर का ही पूर्ण हुआ जबकि वर्ष 2017-18 में 4087 किलोमीटर एवं वर्ष 2018-19 में 5200 किलोमीटर का विद्युतीकरण पूर्ण हुआ। पीयूष गोयल ने कहा कि पिछले 64 वर्षों में माल लदान में 1300%, यात्री किमी में 1642% की वृद्धि दर्ज की गई । इस प्रकार संसाधनों का अधिकतम दोहन हो चुका है । इस कारण नई गाड़ियों के संचलन एवं नए ठहराव में अनेक समस्याएं है ।

रेलवे में निजीकरण नही होगा, निवेश आंमत्रित किये जायेंगे

रेलवे के निजीकरण को खारिज करते हुए रेलमंत्री ने कहा कि रेलवे का निजीकरण(privatization) कदापि नहीं होगा । रेल मंत्रालय राष्ट्रहित में नई लाइन निर्माण एवं अन्य परियोजनाओं में निवेश के लिए आमंत्रित करेगी। नरेंद्र मोदी रेलवे के महत्व को देखते हुए इसके विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैं । रायबरेली स्थित मॉडर्न कोच फैक्ट्री की स्थापना वर्ष 2012 में हुई थी लेकिन प्रथम कोच का उत्पादन(production) अगस्त, 2014 में हुआ । वर्ष 2017-18 में 711 कोचों का उत्पादन हुआ । माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस कोच फैक्ट्री का दौरा कर कर्मचारियों को उत्साहित किया। परिणामस्वरूप वर्ष 2018-19 में 1425 कोचों का उत्पादन हुआ । रायबरेली मॉडर्न कोच फैक्ट्री की उत्पादन क्षमता 5000 कोच करने तक की योजना बनाई गई है। इसका लक्ष्य पूर्ण होने पर यह कोच फैक्ट्री विश्व की अग्रणी कोच फैक्ट्री बन जाएगी। इसके लिए कर्मचारियों को गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। मांग सदैव बनी रही लेकिन उसके औसर निवेश(Investment) नहीं हुआ। वर्तमान सरकार ने पिछले 5 वर्षों में 2.5 गुणा निवेश बढ़ाया। पिछले 5 वर्षों में आधारभूत संरचना तथा रेल संरक्षा पर अभूतपूर्व कार्य किया गया।

रेलवे में निवेश से तेजी से होगा विकास

रेल मंत्री ने कहा कि वित्त मंत्री ने नई सोच, नई दिशा के साथ भारतीय रेल में 50 लाख करोड़ निवेश की घोषणा की है। इनमें से 06 लाख करोड़ नई लाइन परियोजना पर , 4.5 लाख करोड़ समर्पित माल गलियारा, 1.5 लाख करोड़ रूपये स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना पर वयय होंगे। यात्री सुविधा हेतु के लिए भी पर्याप्त निवेश किया जाएगा। चरणबद्ध तरीके से परंपरागत आई.सी. एफ. कोचों के स्थान पर एलएचबी कोच बनाए जाएंगे जिससे संरक्षा में वृद्धि होगी । रेल दुर्घटना में निरंतर सुधार हो रहा है। वर्ष 2004-09 में 206 दुर्घटनाओं के सापेक्ष वर्ष 2014-19 में 153 दुर्घटनाएं हुई। समय पालन के सम्बन्ध में बोलते हुए माननीय रेल मंत्री ने कहा कि इसमे सुधार हेतु ऑटोमेटिक डाटा लागर लगाए गए हैं। गाड़ियों के संचलन एवं विलम्बन को मॉनिटर करने के लिए ‘दृष्टि’ वेबसाइट लांच की गई है।

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