पूर्णिया से दिल्ली के बीच सुपरफास्ट ट्रेन चलाने से रेलवे ने किया इंकार, रेलवे के इस फैसले पर ट्विटर पर छिड़ा विवाद, जाने क्या है मामला

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नईदिल्ली। पूर्णिया से दिल्ली के बीच ट्रेनों की संख्या बढ़ाए जाने की मांग कई दिनों से चली अआ रही थी, लेकिन आज संसद में रेल मंत्री ने कहा कि पूर्णिया से दिल्ली के सुपरफास्ट ट्रेन नहीं चलाई जा सकती। रेल मंत्री ने संसद में तर्क दिया की वहां से दो ट्रेनें दिल्ली के लिए प्रयाप्त है, नई ट्रेन चलाने का कोई मतलब नहीं ।

रेल राज्यमंत्री राजेन गोहेन ने लोकसभा में दिया जवाब

रेल राज्यमंत्री राजेन गोहेन ने लोकसभा में कहा कि पूर्णिया से दिल्ली के लिए सुपरफास्ट ट्रेन चलाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। रेल राज्यमंत्री ने संसद में कहा की सांसदों द्वारा पूर्णिया से दिल्ली के बीच ट्रेन चलाने का सुझाव दिया गया था, लेकिन जांच करने के बाद यह पाया की इस रूट पर सुपरफास्ट ट्रेन चलाना संभव नहीं है। रेलवे ने ट्रेन चलाने की दिक्कतें और स्टेशनों की कमी इसकी मुख्य वजह बताया। उन्होंने कहा की इस रूट पर टर्मिनल न होने से ट्रेन चलाने में परिचालन में बाधा उत्पन हो सकती है, इसलिए ट्रेनों की संख्या नहीं बढ़ाई जा सकती।

दो ट्रेनों को रेल राज्यमंत्री ने पर्याप्त बताया।

रेल राज्य मंत्री के अनुसार इस रूट पर सीमांचल एक्सप्रेस और सप्ताह में दो दिन चलने वाली कटिहार सहरसा दिल्ली हमसफर एक्सप्रेस यात्रियों की संख्या को देखते हुए पर्याप्त है। ऐसे मे सरकार फिलहाल किसी नयी ट्रेन सेवा पर विचार नहीं कर रही हैं।

ट्विटर पर इस फैसले का यात्रियों ने विरोध किया।

यात्रियों का आरोप है कि सहरसा पूर्णिया आमान परिवर्तन के बाद इस रेलखंड पर ट्रेनों की संख्या नहीं बढ़ाई गई। वही यात्रियों को भागलपुर, कटिहार और सहरसा पर निर्भर रहना पड़ता है। यात्रियों ने रेलवे के इस बात का खंडन करते हुए कहा की, टर्मिनल की कमी वजह मानी जा सकती है, लेकिन दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए दो ट्रेनों का प्रयाप्त होना बेबुनियाद हैं। यात्रियों के अनुसार हमसफर एक्सप्रेस का किराया अधिक रहने और लंबे रूट होकर दिल्ली पहुंचने में हमसफ़र को 35 से 40 घंटे से ज्यादा समय लगता है, इसलिए यात्री इस ट्रेन से यात्रा करना पसंद नहीं करते । वहीं दूसरी ट्रेन सीमांचल एक्सप्रेस हमेशा लेट रहती है, जिसके आने जाने का कोई समय निर्धारित नहीं रहता। इन दो ट्रेनों के बदौलत रेलवे का यह कहना कि ये दोनों ट्रेनें प्रयाप्त है, जो की सरासर गलत है।

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