एनएच 107 की हालत का जिम्मेदार कौन ??लोगों को सरकार ने उम्मीद नही, सड़को की दुर्दशा को लेकर 27 को कोशी बंद

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सहरसा/ पूर्णिया: 90 के दशक में बिहार में सड़के कम गड्ढे ज्यादा थे, अच्छी सड़क किसे कहते है लोग भूल चुके थे। 2005 में जब नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री बने तब उन्होंने बिहार की सड़को का कायाकल्प कर दिया। केंद्र सरकार के बिना विश्व बैंक से लोन लेकर सड़को का जाल बुना ऐसा की लोग कहते नहीं थकते थे, की सड़के देखनी है तो चलिए बिहार। वक़्त के साथ साथ स्थिति बदलती गई सड़के गड्ढे में तब्दील होती गई और इसकी जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली। आखिर राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 107 की हालत का जिम्मेदार कौन ??  सरकार द्वारा कई बार आश्वाशन दिए जाने के बाद भी आज तक निर्माण कार्य शुरू नही हो पाया जिससे नाराज होकर लोगो ने आज कोशी बंद करने का निर्णय लिया है।

 राजमार्ग 107 की हालत

एनएच 107 पर सवाल इसलिए की 14 अक्टूबर 2017 को ले प्रधानमंत्री ने मोकामा से यह घोषणा की थी, की महेसखुट सहरसा होते हुए पूर्णियां तक डबल लेन सड़क बनाई जाएगी । लोगो की उम्मीद जगी थीं की एनएच की हालत सुधरेगी और पूर्णिया सहरसा खगड़िया जाना आसान होगा। सहरसा से भागलपुर जाने के लिए लोग इसी एनएच से होकर पहुंचते है। आज की स्थिति यह है कि अगर आपको अपने जान की परवाह नहीं, है तो सहरसा से मधेपुरा मार्ग पर सफर कीजिए। सड़को पर बड़े बड़े गड्ढे नजर आएंगे, कभी कभी साइड लेने के चक्कर में गाड़ी अनियंत्रित हो जाती है और दुर्घटना के शिकार हो जाते है। एनएच 107 लोगो के लिए गंतव्य स्थल पहुंचने का कम मौत के करीब पहुंचने का रास्ता नजर आ रहा है। लोगो का कहना है कि सकुशल घर पहुंच जाएं तो भगवान की महेरबनी होगी। बिहार सरकार का सारा विकास इस एनएच 107 के सामने धरा का धरा रहे जाता है

पिछले 1 साल से सड़क मरम्मत का आश्वासन

गैमन इंडिया ने एनएच 107 के रिपेयरिंग की जिम्मेदारी ली थी । स्थानीय सांसद से लेकर कई नेता भी एनएच की दुर्दशा को लेकर नितिन गडकरी से अवगत करा चुके है, सिर्फ आश्वासन के अलावा आज तक कुछ नहीं मिला। अगर आप सहरसा से मधेपुरा की दूरी जो कि मात्र 27 किमी है सफर कर रहे है तो आपको 2 से 3 घंटे भी लग सकते है। सड़को पर इतने बड़े बड़े गड्ढे है कि बड़ी से बड़ी ट्रक भी पलट जाए ।

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