नीलम बनी सहरसा की पहली स्टेशन मास्टर , लड़कियों के लिए बनी मिसाल

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सहरसा: रेलवे ने कुछ दिन पहले एक पूरे रेलवे स्टेशन का जिम्मा महिलाओं को सौंप दिया था, और साथ ही एक मालगाड़ी के इंजन के ड्राइवर से लेकर गार्ड का कार्यभार महिलाए ही कार्यभार महिलाओं को सौपा था। अब रेलवे ने स्टेशन मास्टर का जिम्मा नीलम कुमारी को सौंपा है, जो बिहार के सहरसा जिले की पहली महिला स्टेशन मास्टर होंगी ।

अन्य लड़कियों को भी मिलेगी प्रेरणा ।

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नीलम ने सहरसा स्टेशन पर परिचालन विभाग में योगदान देने के बाद बखूबीपूर्वक ट्रेन ऑपरेट करने की ड्यूटी संभाल ली है। उसे पैनल पर गाड़ी(ट्रेन) को लाइन क्लियर देते और कंट्रोल से मिले मैसेज मुताबिक गाड़ी का मूवमेंट कराते देख कुछ करने की महिला यात्री प्रेरणा लेने लगी है। मधुबनी जिले के भपटियाही गांव निवासी यह युवती महिला यात्रियों के ट्रेन परिचालन से संबंधित परेशानियों को भी बिना किसी शिकन के दूर करती है। नीलम ने कहा की स्टेशन मास्टर की यह नौकरी बहुत ही अच्छा और नया अनुभव है। इस पहली पोस्टिंग में पिता तुल्य अभिभावक स्टेशन अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ व समतुल्य विभागीय लोगों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अगर ठान ले, तो कोई भी जॉब असंभव नहीं। स्टेशन अधीक्षक नवीन चन्द्र यादव ने कहा कि योगदान देने के बाद यह मन लगाकर प्रशिक्षण लेते कार्य कर रही है, साथ ही स्टेशन मास्टर के कार्य की हर बारीकी को सीख रही है। उनहोने साथ ही कहा की महिलाओं का इस क्षेत्र में आना गर्व की बात है।

सहरसा जं पर कुल 17 स्टेशन मास्टर

नीलम सहित सहरसा स्टेशन पर अब 17 स्टेशन मास्टर हो गए हैं। स्टेशन अधीक्षक ने कहा कि 16 पुरूष और एक महिला स्टेशन मास्टर यहां कार्यरत हैं।

समस्तीपुर डिवीजन में नीलम सहित 8 महिला बनी स्टेशन मास्टर

समस्तीपुर रेल डिवीजन में नीलम सहित 8 महिला स्टेशन मास्टर के रूप में विभिन्न स्टेशनों पर योगदान दी है। डिवीजन के दरभंगा, मधुबनी, लहेरियासराय, नरकटियागंज, रक्सौल और सीतामढ़ी स्टेशन पर भी महिला स्टेशन मास्टर ने योगदान दिया है। सभी का चयन नीलम के साथ ही हुआ था।

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