मोकामा से फरार लड़कियों ने कहा- आश्रय गृह में प्रताड़ित किया जाता था

0
492

पटना जिले के मोकामा स्थित नाजरथ शेल्टर होम से फरार लड़कियों को दरभंगा के सकतपुर थाना क्षेत्र से बरामद कर पटना लाया गया है। रविवार को छह लड़कियों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के सामने प्रस्तुत किया गया। सूत्रों के अनुसार लड़कियों ने कमेटी के सामने कहा कि वे सब घर जाना चाहती हैं। उन्हें जबरदस्ती रखा जाता है। यहां जेल से भी बदतर तरीके से रखा जाता है। शुरू में छह महीने रखने की बात कहकर लाये थे, लेकिन अब घर नहीं जाने दे रहे हैं। उधर, सीडब्ल्यूसी के सामने बयान देने के बाद उनका पीएमसीएच में मेडिकल जांच कराई गई। बाद में इन लड़कियों को पटना स्थित नोट्रेडम सोसाइटी के आशाकिरण शेल्टर होम में भेज दिया गया।

आम लड़कियों की तरह रहना और जीना चाहती हैं पीड़िताएं

सीडब्ल्यूसी के सामने लड़कियों ने बेबाकी के साथ अपनी बातें बयां की। सूत्रों के अनुसार लड़कियों ने कहा कि वे आम लड़कियों की तरह रहना और जीना चाहती हैं। खेलना-कूदना और पढ़ना चाहती हैं। उनका क्या कसूर है कि एक कमरे में जीने को मजबूर हैं। लड़कियों ने कहा कि स्कूल जाना चाहती हूं, फिल्म देखने की इच्छा होती है। भाई-बहनों के साथ खेलने का मन करता है। होली-दशहरे में नये कपड़े पहनकर चहकना चाहती हैं, लेकिन उन्हें दूसरों के उतरन पहनने को दिया जाता है। क्या यह उनका अधिकार नहीं है। हमें छुपाकर रखा जाता है। वह सरकारी आदमी की तरह क्यों दिखे। वह आम हैं और आम लड़कियों की तरह रहने दें। 

कम से कम पांच माह रहना होगा

दरअसल, फरार लड़कियों में चार मुजफ्फरपुर बालिका गृहकांड में गवाह हैं। इसलिए कांड की न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक इन्हें घर नहीं भेजा जा रहा है। ऐसे में कम से कम मुजफ्फरपुर बालिका गृहकांड की गवाह लड़कियों को अभी कम से कम पांच महीने शेल्टर होम रहना ही पड़ेगा। पांच महीने तक केस की सुनवाई होनी है। जब तक केस की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती है तब तक सुरक्षा की दृष्टिकोण से उन्हें शेल्टर होम में ही रहना पड़ेगा। 

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here