देवघर की तरह हैं, कुशेश्वरस्थान मिथिला का बाबाधाम।

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कुशेश्वरस्थान: सावन में बाबाधाम की महिमा विशेष हैं, इस महीने लाखों श्रद्धालुओं का जत्था बोल बम के नारे लगाते हुए देवघर स्थित वैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। सावन मे कुछ ऐसा ही दृश्य, मिथिला के बाबाधाम कहे जाने वाले कुशेश्वरस्थान का भी होता है। तो आज सोमवार को सावन के अवसर पर आप को ले कर चलते हैं, बाबा की नगरी कुशेश्वरस्थान।

जाने कुशेश्वरस्थान की कहानी

कुशेश्वरस्थान दरभंगा और खगड़िया जिला के सीमा पर अवस्थित हैं, और दरभंगा जिला मुख्यालय के अंतर्गत आता है। कुशेश्वरस्थान की चर्चा पुराणों में भी की गयी है । इस मंदिर के बारे में मान्यता हैं की एक चरवाहा जिसका नाम खागा हजारी था ने सपने में इस स्थान को देखा। सपने में उसने यहां बहुत से दुधारू गायों को अपना दूध गिराते देखा, यह बात उसने लोगों को जाकर बताई।

जिस जगह पर दूध गिर रहा था उस जगह की खुदाई की गयी तो वहां से एक शिव लिंग निकला। तभी से वहां पर भगवान शिव की पूजा अर्चना की जाने लगी । कुछ मान्यताएं इन्हें भगवान राम के पुत्र कुश से, तो कुछ राजा कुशध्वज से भी जोड़ती हैं। इस मंदिर का निर्माण राजा कुशध्वज द्वारा कराये जाने के कारण, इसका नाम कुशेश्वरस्थान होने की बात कही जाती है। वहीं जमीन से निकलने के कारण बाबा कुशेश्वरनाथ को अंकुरित महादेव भी कहा जाता है।

बाबा कुशेश्वर नाथ के बारे में ऐसी मान्यता है की जो भी सच्चे मन से बाबा से मनौती मांगता है, उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है। बाबा के दर्शन को ऐसे तो रोज लोग आते हैं, पर सावन में उत्तर बिहार और नेपाल के पड़ोसी जिलों के अलावा पश्चिम बंगाल और झारखंड से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में यहाँ पहुंचते हैं। एक आकड़े की मुताबिक यहां हर साल पांच से छ: लाख लोग दर्शन को आते है।

दरभंगा-कुशेश्वरस्थान के लिए बनाया जा रहा हैं नया नेशनल हाईवे

बाबा के भक्तों की बड़ी संख्या और खगडिय़ा से इसकी नजदीक देखते हुए हाल में ही दरभंगा से कुशेश्वरस्थान हो खगड़िया तक नेशनल हाईवे की घोषणा की गई हैं। फिलहाल इस को ले सर्वे का काम जोरो पर हैं, जिसे तैयार कर परिवहन मंत्रालय को सौप दिया जायेगा। इस रास्ते हो दरभंगा और खगड़िया के बीच की दूरी 50 किलोमीटर कम हो जायेगी, साथ ही खगड़िया के लोग सीधे दरभंगा एयरपोर्ट आ जा सकेंगे।

रेलवे का भविष्य का सबसे बड़ा जंक्शन होगा कुशेश्वरस्थान

रेलवे की ओर से भी कुशेश्वरस्थान को ले योजनाएं हैं, जिनमे से एक सकरी हसनपुर के बीच कार्य चल रहा हैं। हाल ही में हरनगर तक ट्रेनोंं का परिचालन शुुुरू किया गया है, जिससे लोग कुशेश्वरस्थान तक पहुँच सकेंगे। योजना के अनुसार अगला पड़ाव कुशेश्वरस्थान ही है, पर पक्षी अभ्यारण्य होने के कारण हरनगर से कुशेश्वरस्थान के बीच रेल लाइन बिछाने का काम शुरू नहीं हो सका हैं। रेल योजना के तहत जंक्शन बना कुशेश्वरस्थान का विकास होना है, जो इस क्षेत्र की तस्वीर बदल देगा।

कुशेश्वरस्थान जंक्शन पर यह होगें रेल खंड

दरभंगा- कुशेश्वरस्थान
सकरी- कुशेश्वरस्थान
● कुशेश्वरस्थान- हसनपुर
● कुशेश्वरस्थान- खगडिया
● कुशेश्वरस्थान- सहरसा

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