सब की मनोकामना पूरी करती है मां मंगला गौरी ।

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गया । माता के दरबार में नवरात्रि के मौके पर भक्तों की भारी भीर होती है । देवी सती के शरीर के कुल 51 हिस्से जहां जहां गिरे वह स्थान शक्तिपीठ कहलाया । बिहार के गया में स्थित मंगला गौरी मंदिर उन 51 शक्तिपीठ में एक है जहां देवी सती का अंग गिरा था । सालो भर भक्तों का तांता लगा रहता है लेकिन नवरात्रि पर दूर दराज से लोग आते है । इस शक्ति पीठ को पालनहार पीठ के नाम से जाना जाता है ।

भस्मकुट पर्वत पर गिरा था देवी का वक्ष ।

जब भगवान शिव देवी सती के शरीर को लेकर भटक रहे थे तब भगवान विष्णु ने देवी सती के शरीर के 51 टुकड़े कर दिए देवी सती का वक्ष भस्मकुट पर्वत पर गिरा था । मान्यता है कि जो भक्त मंगला गौरी के दर्शन करने आते है उन्हें अमरत्व प्राप्त होता है । इस शक्तिपीठ को असम के कामख्या शक्तिपीठ के समान माना गया है । यहां स्थित शिलाओ को स्पर्श करने से मनोकामना पूरी होती है । माता के मंदिर को मनोकामना मंदिर भी कहते है । मंदिर के गर्भगृह में माता की प्रतिमा स्थापित है साथ ही यहां भगवान शिव और महिषासुर की प्रतिमा , देवी दुर्गा की प्रतिमा और दक्षिणी काली कि मूर्ति विराजमान है । यहां कई छोटे बड़े मंदिर है ।

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