सुपौल- अररिया रेल लाइन राष्ट्रीय सुरक्षा परियोजना में शामिल , कोशी के इन परियोजनाओं के पूरे होते ही बदल जाएगा भाग्य।

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सहरसा/सुपौल: कोशी का इलाका हमेशा बाढ़ और पलायन से जूझता रहा है, पर अब रेल और सड़क परियोजनाओं के पूरे होते ही कोशी इलाके में विकास के नए द्वार खुलेंगे। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने सुपौल-अररिया (गलगलिया तक) प्रस्तावित नई रेललाइन प्रोजेक्ट को महत्वपूर्ण मानते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा परियोजना में शामिल किया है, नेपाल से नजदीक होने के कारण रेलखंड को सुरक्षा के दृष्टिकोण से देखा जा रहा है। 95 किमी सुपौल-अररिया नई रेललाइन नेपाल की सीमा के समानांतर गुजरेगी, इसके लिए केंद्र सरकार ने 1600 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। राष्ट्रीय सुरक्षा परियोजना के कारण इसका निर्माण तेजी से होगा, साथ ही यह रेललाइन आगे जाकर पहले से स्वीकृत अररिया-गलगलिया रेललाइन से जुड़ेगी।

पूर्वोत्तर के लिए खुलेगा नया मार्ग

इससे बिहार का पश्चिम बंगाल से जुड़ाव का सीधा रास्ता खुल जाएगा, नई रेललाइन में 12 नए स्टेशन बनेंगे। पुरानी परियोजना के लिए सरकार पहले ही 540 करोड़ पहले ही मंजूर कर चुकी है। उल्लेखनीय है की सुपौल-सहरसा ब्रॉडगेज कंर्वेशन रेललाइन का काम अभी चल रहा है, इस नई रेललाइन के बनने से दरभंगा सहरसा और अन्य जिलों से पूर्वोत्तर जुड़ जाएगा। कोसी क्षेत्र के लिए सुपौल से अररिया होते गलगलिया नयी रेललाइन न सिर्फ सामरिक दृष्टि से महत्वपूूर्ण होगा, बल्कि यह नयी रेललाइन कोसी के विकास के लिए एक और लाइफलाइन साबित होने जा रहा है। रेल मंत्रालय द्वारा इस परियोजना को राष्ट्रीय सुरक्षा में शामिल करने के बाद, यह रेल और रक्षा मंत्रालय की प्राथमिकता सूची में आ गयी है ।

मिथिला की महत्वपूर्ण सड़क और रेल परियोजना- कुछ पूरी हुई है, कुछ पूरी हुई तो बदल जाएगा भाग्य

1. कोसी नदी में सरायगढ़ के समीप महासेतु और फोर लेन का निर्माण ।

2. धार्मिक कोरिडोर परियोजना के तहत मधुबनी-सहरसा बनेगी नई सड़क,बकौर के समीप कोसी में बनेगा महासेतु।

3. कोसी नदी में महिषी के बलुआहा में पुल बनने के बाद दरभंगा से हो गया सीधा सड़क संपर्क।

4. मानसी – सहरसा रेललाइन थी कोसी की पहली लाइफ लाइन।

5. डुमरी घाट पर बने पुल के रास्ते कोसी का पहला सड़क मार्ग था प्रवेश द्वार।

6. विजय घाट में कोसी नदी पर पुल निर्माण के बाद अंग से सीधा बना सड़क संपर्क।

7. सहरसा- पूर्णिया एनएच 107 के जरिए सीमांचल से पहले से है सीधा सड़क संपर्क हो जाएगा।

8. सहरसा- फारबिसगंज पुरानी रेल लाइन से होगा संपर्क।

9. नयी लाइफलाइन होगी सुपौल -अररिया-गलगलिया रेल मार्ग 12 नए रेलवे स्टेशन बनेंगे

बनेंगे कुल 12 स्टेशन

सुपौल से अररिया के बीच कुल 12 रेल स्टेशन बनेंगे, अररिया के बाद मिर्जापुर, बसेटी, रानीगंज, भरगामा, मानुल्लाह पट्‌टी, खजुरी बाजार, बाघहिली, जदिया, लक्ष्मीपुर, त्रिवेणीगंज, पिपरा, धुमिहा।

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