एलएचबी कोच के साथ चली सहरसा आनंदविहार जनसाधारण एक्सप्रेस,जनहित भी चलेगी एलएचबी से, जोड़े गए दो एक्स्ट्रा स्लीपर कोच, अन्य लंबी दूरी की ट्रेनों में लगेंगे एलएचबी कोच

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भारतीय रेल अब पुराने आइसीएफ के कोच को बदलकर आधुनिकरण की तरफ कदम बढ़ाते हुए सभी ट्रेनों को एलएचबी कोचों में बदलने की कवायद में जुट गई है। इसके तहत सहरसा से चलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों को एलएचबी कोच में बदलने का फैसला किया है। पुरबिया एक्सप्रेस के बाद सहरसा से खुलने वाली दूसरी ट्रेन को एलएचबी में बदला गया है। ट्रेन संख्या 15529/15530 सहरसा आनंदविहार एक्सप्रेस को एलएचबी कोच में बदल दिया है। आज एलएचबी कोच के साथ ट्रेन आनंदविहार के लिए खुली। रेलवे अधिकारियों के अनुसार जल्द ही पाटलिपुत्र जाने वाली जनहित एक्सप्रेस को एलएचबी कोच में बदला जाएगा जिसका कोच सहरसा जं पर पहुंच चुका है। आने वाले समय में सहरसा से खुलने वाली सभी लंबी दूरी की ट्रेनों को एलएचबी कोच में बदला जाएगा। राज्यरानी एक्सप्रेस, और पूर्णिया कोर्ट से हटिया जाने वाली कोशी एक्सप्रेस को कुछ महीनों में एलएचबी कोच में बदला जाएगा।

जनहित चलेगी एलएचबी कोच से

सहरसा जं से पाटलिपुत्र जाने वाली जनहित एक्सप्रेस अब एलएचबी कोच के साथ चलेगी। दो अतरिक्त स्लीपर जोड़े गए। अब जनहित एक्सप्रेस में स्लीपर कोच की संख्या बढ़कर 3 हो जाएगी।

एलएचबी कोच की जाने खासियत ।

1 एलएचबी कोच से चलने वाली ट्रेनों को औसत स्पीड 160 से 200 किमी प्रति घंटा होती है जबकि आईसीएफ कोच से चलने वाली ट्रेनों को स्पीड 140 किमी प्रति घंटा होती है ।

2 एलएचबी कोच के डिब्बे स्टेनलेस स्टील से बने होते है जबकि आइसीएफ कोच माइल्ड स्टील के बने होते है ।

3 एलएचबी कोच में डिस्क ब्रेक लगा होता है जिससे ट्रेन को जल्दी रोका जा सकता है ।

4 एलएचबी कोच का व्हील बेस इसीएफ के मुकाबले छोटा होता है जिससे अगर ट्रेन के हाई स्पीड होने पर भी दुर्घटना के चांसेज कम हो जाते है ।

5 एलएचबी कोच में ट्रेन की आवाज़ यात्रियों को परेशानी नहीं करती । इसका साउंड लेवल अन्य ट्रेनों के कोचों के मुकाबले काफी काम होता है ।

6 एलएचबी कोच में दो डिब्बों को अलग तरह से जोड़ा जाता है कि दुर्घटना होने पर भी एक के ऊपर एक ना चढ़े जिससे जान माल का नुक़सान कम होगा ।

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