कोशी रेल महासेतु से सफर करने वालो को अभी और करना पड़ सकता है इंतजार । पढ़े पूरी खबर

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सुपौल कोशी रेल महासेतु से ट्रेन पर सफ़र करने वालो का सपना टूट सकता है, फिलहाल ट्रेनों के चलने का इंतजार अगले वित्त वर्ष तक करना पड़ सकता है। झंझारपुर से निर्मली होते हुए सरायगढ़ तक ट्रेन इस वित्त वर्ष के अंदर चला लेने की योजना थी, लेकिन अब फिलहाल इस योजना पर ग्रहण लगता हुआ नजर आ रहा है।

परियोजना की बढ़ती गई लागत

न्यू झंझारपुर जंक्शन

निर्मली सरायगढ़ योजना बालू और निर्माण सामग्रियों की कमी के कारण बढ़ता ही चला गया। जिस रेल योजना का बजट 500 करोड़ था, अब वह बढ़कर 1250 करोड़ हो चुका है। फिलहाल सकरी लोकाहा बाज़ार से निर्मली होते हुए सरायगढ़ तक जोड़ने की योजना सितंबर 2019 कर दी गई है, फारबिसगंज से सरायगढ़ और फिर सहरसा से सरायगढ़ फिर जाएगा।

84 साल से सीधे संपर्क का इंतजार

झंझारपुर जंक्शन पर तैयार हो रहा प्लेटफॉम

सहरसा से सरायगढ़ होते हुए दरभंगा को जोड़ने की योजना में 2020 तक का समय लग सकता है। मौजूदा समय में सहरसा से सुपौल तक बड़ी लाइन का कार्य चल रहा है, जिसपर सितंबर 2019 तक इस ट्रेन चलने लगेगी। सहरसा से सरायगढ़ तक ट्रेन चलने के बाद कोशी से दरभंगा की दूरी कम हो जाएगी, साथ ही सहरसा और आसपास के जिलों को दिल्ली का नया रास्ता मिलेगा। दरभंगा-सहरसा-फारबिसगंज का 1934 के भूकंप के बाद से कोशी नदी के रास्ता बदल लेने के कारण संपर्क भंग हो गया था, जो आजतक तक बंद पड़ा है।

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