इस ट्रेन में लगेगा पहला आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस सिस्टम ( A.I ) , पटरी टूटने पर फौरन पता लगाएगी

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भारत में पहली बार आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस से लैस ट्रेन कोच बनाया गया है। इसकी ख़ासियतों के कारण इसे ‘ट्रेन विद ब्रेन’ का नाम भी दिया जा रहा है। रायबरेली रेल कोच फैक्ट्री में ऐसा पहला कोच तैयार किया गया है जिसमें देश-विदेश की सबसे उत्तम तकतीन को लगाया गया है। ये तकनीन रेलवे और इसके मुसाफिरों की कई ज़रूरतों को पूरा कर सकता है। इस कोच में कई तरह के सेंसर लगे हैं जो यात्री सुविधा, सुरक्षा और मनोरंजन के लिहाज से रेलवे में नया बदलाव ला सकता है। इसके पहियों पर सेंसर लगे हैं जो इसके बाक़ी पुर्जे़ और पटरियों की सेहत पर नज़र रखेगा।

पहिए या जिस ट्रैक पर ट्रेन चल रही है उसके वायब्रेशन या आवाज़ में किसी भी बदलाव को ये सेंसर हर पल रिकॉर्ड कर कंट्रोल को संदेश भेजता रहता है और ऐसे में किसी भी गड़बड़ी की पहचान के लिए हर रोज़ हर चीज़ की मैनुअली जांच ज़रूरी नहीं होगी।

इसे 30 अगस्त से कैफियत एक्सप्रेस में लगाया जाएगा। मंगलवार को नई दिल्ली में सफदरजंग स्टेशन पर कोच का उद्घाटन किया गया।

पहियों पर आठ सेंसर

यह कोच ट्रैक में पाई जाने वाली खराबी का डेटा रिकार्ड कर उसे क्लाउड पर सेव कर देगा। एमसीएफ के जनरल मैनेजर राजेश अग्रवाल ने बताया कि इस डेटा के आधार पर ट्रैक को रिपेयर किया जा सकेगा। कोच के पहियों पर आठ पावरफुल सेंसर लगाए गए हैं।


इस साल के अंत तक सौ इंटेलिजेंस कोच बनेंगे

उत्तर रेलवे के चीफ इंजीनियर अरुण अरोड़ा ने बताया कि फिलहाल इस तरह के दो कोच उत्तर रेलवे को मिले हैं। अगर इसका परीक्षण सही रहा तो इस साल के अंत तक ऐसे ही सौ इंटेलिजेंस कोच का निर्माण होगा। इन्हें राजधानी और शताब्दी ट्रेनों में लगाया जाएगा।

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