हिन्द महासागर में चीन की हरकते तेज़ , नौसेना प्रमुख ने कहा हमारी हर ओर नजर

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भारतीय नौसेना ने साफ कहा है कि उसे हिंद महासागर में चीन की बढ़ती मौजूदगी की पूरी जानकारी है। नौसेना प्रमुख ने यह भी कहा कि इस क्षेत्र में शक्ति संतुलन चीन के मुकाबले भारत के पक्ष में है ।

  • एडमिरल लांबा ने नौसेना को आधुनिक बनाने के कदमों की दी जानकारीकहा- साल 2050 तक, हमारे पास 200 जहाज, 500 विमान होंगे ।
  • 4 दिसंबर को हर साल मनाया जाता है भारतीय नौसेना दिवस ।
  • पाकिस्तान और चीन से बढ़ती चुनौतियों पर नौसेना का स्पष्ट रुख ।

हिंद महासागर क्षेत्र में हाल के वर्षों में चीन की हलचल तेजी से बढ़ी है। भारतीय नौसेना को पल-पल की जानकारी है और पूरी सतर्कता के साथ नजर भी रखी जा रही है। नौसेना दिवस से एक दिन पहले सोमवार को नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने साफ कहा कि हिंद महासागर में शक्ति संतुलन चीन के मुकाबले भारत के पक्ष में है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय नौसेना पाकिस्तानी नौसेना से कहीं आगे है। नौसेना प्रमुख से दो मोर्चों पर युद्ध लड़ने की क्षमता के बारे में जब सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जहां तक भारतीय नौसेना की बात है तो हमारे लिए दो मोर्चे नहीं हैं। हमारे लिए एक ही मोर्चा है और वह हिंद महासागर है।

सोमवार को ही तमिलनाडु एवं पुडुचेरी नौसैन्य क्षेत्र के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग, रियर एडमिरल आलोक भटनागर ने बताया, ‘पिछले कुछ वर्षों में हिंद महासागर में चीन की मौजूदगी बढ़ी है। अच्छी बात यह है कि हमें इस बात की जानकारी है। हम क्षेत्र में उनकी गतिविधियों के बारे में जानते हैं और हम बहुत सावधानी से उसपर नजर रखे हुए हैं।’

नौसेना की तैयारी पर बोले

भटनागर ने यह भी कहा, ‘उनके (चीन) पास हमारी तरह अधिकार है कि वह विश्व के किसी हिस्से में मौजूद रह सकते हैं।’ हर साल 4 दिसंबर को मनाए जाने वाले भारतीय नौसेना दिवस के जश्न की घोषणा करने के दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। क्षेत्र में चीन की उपस्थिति से किसी तरह के खतरे से निबटने के लिए नौसेना की तैयारी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना की क्षमताएं मिशन आधारित होती हैं और किसी देश के खिलाफ लक्षित नहीं होती हैं।

भटनागर ने कहा, ‘कुछ वर्षों से भारतीय नौसेना ने एक मिशन के आधार पर अपने बल को विकसित किया है। हमारी क्षमताएं किसी देश के खिलाफ लक्षित न होकर मिशन आधारित होती हैं। हमें जब भी कोई मिशन दिया जाएगा, उसे पूरा करने में हम सफल होंगे।’ आपको बता दें कि 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में मिली जीत का जश्न मनाने के लिए हर साल नौसेना दिवस मनाया जाता है।

200 जहाज और 500 प्लेन हो जाएंगे

आपको बता दें कि सोमवार को ही नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा से जब चीन के अपनी नौसैनिक क्षमता तेजी से बढ़ाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘2050 तक, हमारे पास भी 200 जहाज, 500 विमान और एक विश्वस्तरीय नौसेना होगी।’ एडमिरल ने आगे बताया कि सरकार ने नौसेना में 56 नए जंगी जहाजों और 6 पनडुब्बियों को शामिल करने की योजना को मंजूरी दे दी है। देश का पहला स्वदेश निर्मित विमानवाहक पोत विक्रांत अपने निर्माण के अंतिम चरण में पहुंच गया है और इसका समुद्री परीक्षण 2020 में होगा।

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