दरभंगा से लेकर दिल्ली तक तेज हुई हाईकोर्ट के दरभंगा बेंच के गठन की माँग, उत्तर बिहार की बड़ी आबादी को नहीं रहना पड़ेगा पटना पर निर्भर।

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दरभंगा: उत्तर बिहार में हाई कोर्ट की वर्षों पुरानी माँग ज़ोर पकड़ने लगी है, बताते चलें की अविभाजित बिहार (बिहार/ झारखंड) में पटना के अलावा राँची में भी हाईकोर्ट की बेंच कार्यरत थीं।1972 से अपने गठन के बाद से ही जहां राँची दक्षिण बिहार की, तो वहीं पटना उत्तर बिहार की न्याय संबंधित ज़रूरतों को पूरी करती रही। बदली परिस्थितियों और जनसंख्या में दुगुनी वृद्धि के बाद से ही उत्तर बिहार में रह रह कर हाईकोर्ट के बेंच के गठन की माँग उठती रही हैं, जिसने अब ज़ोर पकड़ लिया हैं।

बिहार की 10 करोड़ की आबादी एक हाईकोर्ट पर निर्भर

बताते चलें की राँची में हाईकोर्ट की स्थापना के समय जहां उस समय के संयुक्त बिहार की जनसंख्या 4 करोड़ थी, वो आज के समय झारखंड के अलग होने के बाद बचे हुए बिहार में 10 करोड़ के आँकड़े को पार कर चुकी है। राँची बेंच का गठन उस समय पटना से इसकी दूरी के कारण भी हुआ था।

मौजूदा परिस्थितियों में जनसंख्या दवाब, पटना से दूरी और आने जाने में होने वाली दुश्वारियां भी इसके माँग की प्रमुख वजह रही हैं। दरभंगा में वर्षों पुरानी माँग ने इन्हीं परेशानियों को देखते हुए अब ज़ोर पकड़ लिया है, जिसे लेकर दिल्ली से दरभंगा तक हलचल तेज हो गई है।

सांसद ने रखीं संसद के पटल पर दरभंगा बेंच की माँग

हाईकोर्ट की दरभंगा बेंच की स्थापना को लेकर हाल में ही दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर ने लोकसभा में सरकार के सामने इसके गठन संबंधित माँग रखीं। जिसके जवाब में सरकार ने कई अन्य राज्यों की सरकारों की ओर से ऐसे प्रस्ताव आने की बात तो रखीं, पर बिहार से ऐसा कोई प्रस्ताव ना मिलने की जानकारी भी सदन को दी।

ऐसे में राज्य सरकार द्वारा ऐसे किसी प्रस्ताव के बाद नयें बेंच की राहें आसान हो सकती हैं, जिसके बाद इसके गठन को लेकर निगाहें राज्य सरकार की ओर हो चली है। उत्तर बिहार में इसके गठन के साथ ही यहाँ की बड़ी आबादी को किसी भी मुकदमा या न्यायिक मामलों के निपटारा के लिए पटना के चक्कर लगाने से मुक्ति मिल सकेगी।

पटना हाईकोर्ट के निर्माण में दरभंगा की रही हैं बड़ी भूमिका

बताते चलें की दरभंगा शहर की कोलकाता से हाईकोर्ट की बेंच पटना लाने में अहम भूमिका रही हैं, 1912 में दरभंगा महाराज रामेश्वर सिंह के विशेष प्रयासों से कोलकाता से बेंच को पटना लाने के प्रयासों को बल मिला था। इसके परिणाम स्वरूप ही 1916 में पटना में हाई कोर्ट की स्थापना हुई, जिसका कार्य क्षेत्र बिहार से लेकर उड़ीसा तक फैला था। बाद में न्यायिक ज़रूरतों और दूरी को देखते हुए 1948 में उड़ीसा में तो 1972 में राँची में हाई कोर्ट की बेंच का गठन किया गया। फ़िलहाल उन्हीं ज़रूरतों को देखते हुए उत्तर बिहार के लोगों के लिए दरभंगा में हाई कोर्ट की बेंच की जायज़ माँग ज़ोर शोर से शुरू हो गई हैं ।

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