दो विश्व कप में भारत को जीत दिलाने वाले भारतीय बल्लेबाज गौतम गंभीर ने क्रिकेट को कहा अलविदा ।

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जब भी भारत की क्रिकेट के स्वर्णिम दौर में से एक को याद किया जाएगा तो ये जरूर याद रखा जाएगा कि वो “गौतम गंभीर” की पारी थी जिसने भारत को दो विश्व कप में जीत दिलाई थी । गौतम गंभीर के क्रिकेट में योगदान को भुलाया नहीं जा सकता । 2011 के वर्ल्ड कप फाइनल मैच में 97 रनों की पारी और 2007 के वर्ल्ड कप टी- 20 फाइनल में 75 रन की आपकी पारी हमेशा याद रखी जायेगी । स्पिन के खिलाफ आपकी बल्लेबाजी का जवाब नहीं था । क्रिकेट आपको बहुत मिस करेगा । गौतम गंभीर ने अपना आखिरी टेस्ट मैच नवंबर 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था । वहीं उन्होंने सीमित ओवर क्रिकेट में आखिरी बार जनवरी 2013 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे मैच और दिसंबर 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था ।

टी 20 में केकेआर को बनाया विजेता, आक्रामक कप्तानी की दुनिया रही कायल

गौतम गंभीर ने कप्तानी में केकेआर को 2012 और 2014 में चैंपियन बनाया । गंभीर 2017 में केकेआर को छोड़कर दिल्ली डेयरडेविल्स वापस आ गए थे । उन्हें इस टीम की कप्तानी सौंपी गई थी । लेकिन शुरुआती मैचों के बाद पहले उन्होंने कप्तानी छोड़ी फिर टीम मं अपनी जगह भी छोड़ दी थी । 2010 में न्यूजीलैंड के खिलाफ गौतम गंभीर को भारतीय टीम की कप्तानी सौंपी गई थी । भारत ने ये सीरीज 5-0 से अपने नाम की थी। उनका खुद का प्रदर्शन भी शानदार रहा था । जिसके लिए उन्हें मैन ऑफ द सीरीज के पुरस्कार से भी नवाजा गया था । अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में गौतम गंभीर के नाम कई रिकॅार्ड शामिल हैं । 2009 में गंभीर टेस्ट क्रिकेट में लगातार पांच शतक जड़ने वाले खिलाड़ी बन गए थे । इसके अलावा गौतम गंभीर ऐसे क्रिकेटर हैं जिन्होंने 300 से भी ज्यादा रन चार टेस्ट मैच में बनाए थे । इनकी कप्तानी इतनी आक्रामक थी की विरोधी टीम भी गंभीर से मैदान पर डरती थी ।

शानदार रहा क्रिकेट का सफर

गंभीर ने अपने 58 टेस्ट की 104 पारियों में 9 शतक व 22 अर्धशतक की बदौलत कुल 4154, वनडे में 147 मैचों की 143 पारियों में 11 शतक व 34 अर्धशतक के साथ 5238 रन बनाए हैं। इसके अलावा टी-20 में 37 मैच की 36 पारी में 7 अर्धशतक के साथ कुल 932 रन बनाए हैं ।

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