भारतीय ज्‍योतिष दृष्टियों से कैंसर रोग का विश्‍लेषण” विषय पर 13 को डॉ कादम्‍बनी गांगुली स्‍मृति व्‍याख्‍यान ।

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दरभंगा: इसमाद फाउंडेशन की ओर से आचार्य रमानाथ झा हैरिटज सीरीज के तहत 12 माह 12 व्‍याख्‍यानमाला में फरवरी माह की धरोहर व्‍यक्तित्‍व मिथिला की बेटी और भारत की पहली महिला चिकित्‍सक डॉक्‍टर कादम्‍बनी गांगुली होंगी। महाराजाधिराज कामेश्‍वर सिंह कल्‍याणी फाउंडेशन के सीइओ श्री श्रुतिकर झा की अध्‍यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि विश्‍व कैंसर सप्‍ताह के मौके पर प्रसिद्ध ज्‍योतिषाचार्य पंडित डॉ. राजनाथ झा ”भारतीय ज्‍योतिष दृष्टियों से कैंसर रोग का विश्‍लेषण” विषय पर 13 फरवरी को डॉ. कादम्‍बनी गांगुली स्‍मृति व्‍याख्‍यान देंगे। गांधी सदन सभागार में दोपहर 2:30 बजे से आयोजित इस व्‍याख्‍यान समारोह की अध्‍यक्षता श्री गजानन मिश्र, पूर्व भा.प्र.से करेंगे, जबकि मुख्‍य अतिथि प्रो एसके सिंह, कुलपति, लनामिविवि होंगे।


कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए इसमाद फाउंडेशन के न्‍यायी और कार्यक्रम के संयोजक संतोष कुमार ने कहा कि आज देश में खासकर मिथिला के इलाके कैंसर रोग का विस्‍तार तेजी से हो रहा है। दरभंगा जैसे शहर में कैंसर के इलाज के लिए अलग से अस्‍पताल खुल चुका है। मिथिला की पहचान मछली के आयात पर भी पिछले दिनों सरकार ने यह कहते हुए प्रतिबंध लगा दिया था कि उससे कैंसर रोग होने की आशंका बढ जाती है। ऐसे में महावीर कैंसर संस्‍थान, पटना के करीब 300 कैंसर रोगियों की कुंडलियों पर पिछले 10 वर्षों से शोध करनेवाले डॉ झा का ज्‍योतिष दृष्टिकोण से कैंसर रोग का विश्‍लेषण आम लोगों के लिए काफी लाभप्रद होगा। जैसा कि आप जानते हैं, जनवरी माह में डॉ मंजर सुलेमान ने मैथिली के विकास में मुसलिम समुदाय के योगदान पर बाबू जानकीनंदन सिंह स्‍मृति व्‍याख्‍यान दिया था।

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