रेलवे के इतिहास में एक और सुनहरा पन्ना जुड़ जाएगा, अब गोरखपुर में होगी इलेक्टिक इंजन की मरम्मत, पढ़े

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नए साल में गोरखपुर गौरवशाली इतिहास में एक और सुनहरा पन्ना जुड़ जाएगा। गोरखपुर में 15 जनवरी तक एसी इलेक्टिक लोको शेड के प्रथम चरण का कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद शेड में इंजनों की हल्की कमियां यही दुरुस्त हो जाएंगी। यानी 15 दिन में होने वाले मरम्मत कार्य शुरू हो जाएंगे। सौ लोको की क्षमता वाला एसी इलेक्टिक शेड का निर्माण अंतिम चरण में है। कार्य तेजी के साथ चल रहा है। विभागीय जानकारों के अनुसार अप्रैल में यह शेड पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद पूवरेत्तर रेलवे रूट पर बाराबंकी से छपरा के बीच चलने वाले इलेक्टिक इंजनों की पूरी मरम्मत गोरखपुर में ही हो जाएगी। उन्हें मरम्मत और रखरखाव आदि के लिए दूसरे रेलवे के लोको शेड में नहीं भेजना पड़ेगा। दो सेक्शन में कार्य करेगा शेड : एसी लोको शेड दो सेक्शन में कार्य करेगा। पहले शेड में इंजनों का निरीक्षण आदि होगा, जिसमें हल्की कमियों को दुरुस्त किया जाएगा। प्रत्येक 15 दिन में इस तरह की मरम्मत होती है। दूसरे शेड लाइट, मीडियम लाइट और हैवी मरम्मत का कार्य होगा। इसके लिए सेक्शन में लिफ्ट सिस्टम लगाए जा रहे हैं।

लोगों को मिलेगा रोजगार, आत्मनिर्भर होगा रेलवे

एसी इलेक्टिक लोको शेड से रेलवे को राहत तो मिलेगी ही, लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी मिलेगा। शेड निर्माण से पूवरेत्तर रेलवे स्वयं आत्म निर्भर हो जाएगा। रास्ते में इंजन फेल होने की दशा में शेड से ही दूसरे इंजन की व्यवस्था हो जाएगी। 1दस वर्ष पूर्व पड़ी थी नींव, 90 करोड़ का बजट : वर्ष 2007-08 में तत्कालीन रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने इलेक्टिफिकेशन और इलेक्टिक शेड की घोषणा की थी। इलेक्टिफिकेशन तो शुरू हो गया लेकिन शेड का मामला लटक गया।

बतौर सांसद योगी आदित्यनाथ रेलवे के समक्ष लोको शेड निर्माण के लिए आवाज उठाते रहे। उनका प्रयास रंग लाया और दिसंबर 2016 में शेड का शिलान्यास हो गया। हालांकि, शिलान्यास के बाद सुरक्षा का हवाला देते हुए एयरफोर्स ने निर्माण कार्य रुकवा दिया।ऐसा होगा एसी इलेक्टिक लोको शेड ’ जागरणअब इंजनों पर दर्ज होगा गोरखपुर शेड में मरम्मत होने वाले इलेक्टिक इंजनों पर अब गोरखपुर का नाम लिख जाएगा। नियमानुसार इंजनों पर मरम्मत व रखरखाव करने वाले शेड का नाम दर्ज होता है। फिलहाल, रेल मंत्रलय ने निर्माण के लिए 90 करोड़ रुपये बजट अवमुक्त कर दिया है। पूवरेत्तर रेलवे के गाजीपुर स्थित सैदपुर भीतरी में भी सौ लोको क्षमता का एसी लोको इलेक्टिक शेड का निर्माण चल रहा है।पूवरेत्तर रेलवे में अब सिर्फ इलेक्टिक ट्रेनें 1आने वाले दिनों में पूवरेत्तर रेलवे के समस्त रेलमार्गो का विद्युतीकरण हो जाएगा। रेल मंत्रलय ने डबल ही नहीं सिंगल लाइनों के विद्युतीकरण की भी हरी झंडी दे दी है। बाराबंकी-छपरा के अलावा बलिया-वाराणसी रेलमार्ग पर गाड़ियां इलेक्टिक इंजनों से ही फर्राटा भर रही हैं। गोरखपुर कैंटह-पनियहवां रेलमार्ग का विद्युतीकरण पूरा हो गया है।रेलवे की आधारभूत संरचना मजबूत होगी। इलेक्टिक इंजनों का रखरखाव व मरम्मत कार्य गोरखपुर में ही हो जाएगा। आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। रोजगार का सृजन भी होगा। 1संजय यादव, सीपीआरओ- एनई रेलवेरक्षा मंत्रलय की मंजूरी के बाद शुरू हुआ निर्माण 1एयरफोर्स के रोक के बाद पूवरेत्तर रेलवे प्रशासन ने रक्षा मंत्रलय से शेड निर्माण की गुहार लगाई । 30 नवंबर 2017 को रक्षा मंत्रलय ने निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया । दिसंबर 2017 से निर्माण शुरू हो गया ।

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