सांसद ने लोकसभा में की सहरसा में डीआरएम आफिस और एम्स खोलने की मांग की ।

0
2191

सहरसा: स्थानीय सांसद ने कहा है की अनुपूरक बजट की चर्चा करते हुए उन्होंने सहरसा में एम्स की स्थापना और डीआरएम ऑफिस खोलने की मांग केंद्र सरकार से की है। इससे पूर्व जब रेलमंत्री सुरेश प्रभु थे, तो उनसे भी मिलकर सहरसा में डीआरएम आफिस की स्थापना करने की मांग की गई थी। तत्कालीन रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने आश्वासन देते कहा था की सहरसा में डीआरएम ऑफिस खोलने की बात रेलवे बोर्ड के सामने वो रखेंगे, लेकिन किसी कारणों से रेल मंत्रालय से इस्तीफा देना पड़ा। तब से नये रेलमंत्री पीयूष गोयल के आने के बाद कोशी और सीमांचल की रेल परियोजनाओं में फंड तो जारी किए गए, लेकिन काम में तेजी नहीं अा सकी ।

सहरसा में खुले डीआरएम आफिस

कोशी प्रमंडल का मुख्यालय होने के साथ साथ राजस्व के मामले में दूसरे नंबर पर आता है ।सहरसा से कई शहरों के लिए ट्रेन खुलती है, सहरसा से कटिहार ,फारबिसगंज और खगड़िया रूट के लिए ट्रेन निकलती है। सहरसा में डीआरएम आफिस खोलने से यात्री सुविधाएं बढ़ेंगी, साथ ही नई ट्रेन चलाई जा सकेंगी।


कृषि आधारित उद्योग की मांग ।

कोशी क्षेत्र में पिछले 200 बरसों से मखाना उपजाया जाता है । कोशी क्षेत्र से मखाना निकलकर आज पूरी दुनिया में ब्रांड बन चुका है, साथ ही पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मक्के की खेती होती है। लेकिन कोशी क्षैत्र में मखाना आधारित उद्योग न होने से किसानों को बाजीब दाम नहीं मिल पाता।

सड़को की स्थिति सुधारने की मांग

सांसद ने कोशी सीमांचल में एनएच 107 की स्थित में जल्द से जल्द सुधार कर पूरे क्षेत्र में सड़को का जाल बिछाने की मांग की, ताकि किसानों को अपना अनाज एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने में आसानी हो। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में ना शिक्षक हैक्षना कॉलेजों में, अध्यापकों द्वारा छात्रों को उचित शिक्षा का अवसर नहीं मिल पाता जिससे छात्र निजी स्कूल में जा कर पढ़ने को मजबुर है।

सहरसा में एम्स की स्थापना

सांसद ने कहा कि जिले में स्वास्थ सुविधाएं नहीं है, गांव घर में इलाज की व्यवस्था नहीं मिलने के कारण लोग सहरसा आते है। पर सदर अस्पताल इलाज अपनी हालात पर रो रहा है। जहा सुविधाएं नहीं है, डॉक्टर नहीं है और अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं । सहरसा में पानी में फ्लोराइड और आयरन की मात्रा जायदा रहने से लोग गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे है। कई बार केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करने के बाद भी सहरसा में एम्स खोलने की मांग की गई लेकिन कोई सार्थक पहल नहीं की गई, इसपर आगे इस ओर करवाई करने का अनुरोध किया ।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here