महिलाओं की ताकत को पंख देती दरभंगा की बेटी भावना कंठ, फाइटर प्लेन की पायलट बन रच चुकी हैं इतिहास।

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बदलते वक्त के साथ दुनिया भी बदल रही हैं, कभी घर और रसोई तक सिमटी महिलाएं अपनी मेहनत, लगन और निष्ठा के बल पर हर कठिन क्षेत्र में खुद को बेहतर साबित कर रही हैं। ऐसी ही महिलाओं मे से एक हैं दरभंगा बिहार की भावना कंठ। भावना हर उन तमाम महिलाओं की ताकत को पंख दे रही हैं जो अपने जीवन में कुछ शानदार करने का हौसला रखती हैं।


भारतीय वायुसेना के लिए दरभंगा हैं खास

जहां देश का पहला स्वेदशी विमान तेजस को बनाने का श्रेय बिहार दरभंगा के ही महान वैज्ञानिक डॉक्टर मानस बिहार वर्मा को जाता हैं, तो पहली फायटर पायलटों मे से एक भावना भी दरभंगा से ही है। भावना दरभंगा के घनश्यामपुर प्रखंड के बाऊर गांव की मूल निवासी हैं, उनका परिवार फिलहाल दरभंगा के भैरवपट्टी बैंकर्स कॉलोनी में रहता है। उनके पिता तेज नारायण कंठ इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन में बतौर अभियंता यूपी के मथुरा में कार्यरत हैं, वहीं उसके दादा बौद्ध नारायण कंठ इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की बरौनी रिफाइनरी में एक सामान्य इलेक्ट्रिशियन थे। भावना का गांव बाऊर बिहार एक सुदूर देहाती इलाकों मे से एक हैं, जहां बाढ़ के समय में पूरा गांव ही बाढ़ के पानी से घिर जाता है। गांव में अधिकतर कच्चे मकान हैं, यहां लड़कियों की शिक्षा का प्रतिशत स्तर यहां काफी कम है।

देश की आधी आबादी के लिए प्रेरणा श्रोत हैं भावना

देश में पहली बार फाइटर प्लेनों की कमान महिला पायलटों के हाथों में है। इन महिला पायलटों में से भावना कंठ की उपलब्धि पर बिहार और मिथिला क्षेत्र गौरवान्वित हैं, छोटी जगह से आने वाली एक साधारण सी लड़की भावना ने इस स्थान का नाम विश्व पटल पर उभारा है। यह भावना की कड़ी मेहनत और बुलंद हौसले का परिणाम है, जो अन्य लडकियों के लिए भी प्रेरणा का श्रोत हैं।

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