बिहार के एक स्‍कूल में आसाराम बापू को पढ़ाया जा रहा महान संत, जाने पूरा मामला

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भोजपुर: दुष्कर्म मामले में सजायाफ्ता आसाराम की जीवनी को एक निजी स्कूल मे पढ़ाने का मामला सामने आया है। सोशल मिडिया मे खबर उछलते ही स्कूल प्रंबधन ने आनन फानन मे पुस्तक वापस ले लिया, पूरे मामले मे स्कूल प्रंबधन और पब्लिकेशन सवालों के घेरे में हैं। मालूम हो की जोधपुर की जेल में आसाराम दुष्कर्म की सजा काट रहे है, ऐसे मे छात्राओं को इस पुस्तक को पढ़ाया जाना गंभीर मामला माना जा रहा है।

तीसरी कक्षा के पाठ्यक्रम मे था शामिल

पूरा मामला भगिनी निवेदिता गर्ल्स स्कूल का है, जहां कक्षा तीन के पाठ्यक्रम मे आशाराम को शामिल कर बच्चों को यह पढ़ाया जा रहा था। ज्ञान सेतु पब्लिकेशन, मुजफ्फरनगर द्वारा प्रकाशित इस पुस्तिका में आसाराम को देश के उत्थान में अहम योगदान देने वाला संत बताया गया है। किताब में 9 विभूतियों मे आशाराम को छठा स्थान दिया हैं, इस किताब मे स्वामी विकेकानंद, कबीर से लेकर मदर टेरेसा और भगवान महावीर तक को स्थान दिया है। मालूम हो की भगिनी निवेदिता गर्ल्स स्कूल मे करीब पांच सौ छात्राओं का नाम दर्ज है, और इस मामले को सोशल मिडिया के माध्यम से लोगों द्वारा उठाया गया हैं। फिलहाल स्कूल प्रंबधन ने पब्लिकेशन के सर पर सारा ठीकरा फोड़ कर अपना पल्ला झाड़ लिया है। इस तरह से इन किताबों को छात्राओं को पढ़ाये जाने से जिला शिक्षा कार्यालय से ले, स्कूल प्रबंधन सवालो के घेरे में है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने दिया कार्यवाही का आश्वासन

जिला शिक्षा अधिकारी ने फिलहाल ऐसी किसी जानकारी से इंकार किया है, पर मामला संज्ञान मे आने पर कार्यवाही करने की बात कही है। स्कूल प्रबंधन ने किताब को बदल देने और इस मामले मे प्रधानाचार्य से जवाब तलब करने की बात कहीं हैं। स्कूल प्रबंधक के अनुसार मामले की जवाबदेही पब्लिकेशन पर है। उनके अनुसार मामला यह भी हो सकता है की, जब यह चैप्टर किताब में शामिल हुआ हो उस समय आसाराम को ले कोई ऐसा मामला ना रहा हो।

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