जयंती जनता से वैशाली एक्सप्रेस तक का सफर,50 सालों से यात्रियों की पहली पसंद

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वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस पूर्वांचल के लोगो के लिए आज भी सबसे पसंदीदा ट्रेनों में से एक हैं। छपरा, सीवान और गोरखपुर से सबसे ज्यादा यात्री इस रेल की यात्रा करते है। इस ट्रेन की शुरुवात 1983-84 में जयंती जनता एक्सप्रेस के नाम से शुरू हुई थी। तब से लेकर आज तक अपने समय पालन के लिए देश की सबसे प्रिमियम ट्रेनों में से एक बनी हुई हैं। लोग वैशाली एक्सप्रेस की तुलना राजधानी एक्सप्रेस तक से करते है। 1969 में तत्कालीन रेलमंत्री गुलज़ारी लाल नंदा ने यात्री सुविधाओ का विस्तार करते हुए लखनऊ से कटिहार के बीच इस ट्रेन की शुरुवात की थी। जयंती जनता नाम सें चलने वाली इस एक्सप्रेस का विस्तार वक्त के साथ साथ नईदिल्ली तक कर दिया गया। भारत की वैशाली एक्सप्रेस दूसरी ट्रेन है जिसे ISO 9000 अवॉर्ड से नवाजा गया था।

रेलवे बोर्ड ने इस ट्रेन का नाम बदलकर विश्व के प्रथम गणराज्य के नाम पर ट्रेन का नाम वैशाली रखा।

रेलवे बोर्ड के तत्कालीन महाप्रबंधक डी हरिराम के प्रयास से इस ट्रेन को दिल्ली तक चलाया गया । रेलवे बोर्ड ने इस ट्रेन का नाम बदलकर विश्व के प्रथम गणराज्य वैशाली एक्सप्रेस के नाम से इस ट्रेन को चलाया।

बरौनी से दिल्ली के बाद अब इस प्रीमियम ट्रेन का परिचालन सहरसा से किया जाएगा।

बरौनी की शान बन चुकी इस ऐतिहासिक वैशाली एक्सप्रेस का परिचालन 7 मार्च से सहरसा से किया जाएगा। मई 2018 से इस ट्रेन को एलएचबी कोच के साथ चलाया जा रहा हैं। सहरसा से प्रतिदिन यह ट्रेन सुबह 6 बजकर 15 बजे नईदिल्ली के लिए प्रस्थान करेगी।

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