महिर्षि मेंहीं परमंहस महराज की 135वी जंयती धूमधाम से मनाई गई

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20वी सदी के महान संत सदगुरू महिर्षि मेंहीं परमंहस जी महराज के 135 वी पावन जंयती के पावन अवसर पर सहरसा शहर के वार्ड न 08 स्थित गांधी पथ सतंमत सतसंग मंदिर सहित जिला भर के दो दर्जन से ज्यादा मंदिर मे धुमधाम से मनाया गया। जंयती के अवसर पर सर्वप्रथम सतंसग मंदिर मे ब्रहामुहर्त मे एक घंटा का सामूहिक ध्यानाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया ।उसक बाद बैण्ड बाजा , दर्जनों गाडिय़ों व सैकड़ो ई रिक्शा व रथनुमा गाड़ी पर सदगुरु के तस्वीर के साथ नगर भ्रमण के लिए गांधी पथ सतसंग मंदिर से प्रभात फेरी शहर के वीर कुवंर सिंह चौक ,थाना चौक ,गंगजला ,पंचवटी चौक , सहरसा कालेज के पीछे से हटिया गाछी ,पुरब बाजार ,बस स्टैंड , डीबी रोड ,धर्मशाला रोड, महावीर चौक , बनगांव रोड , रिफ्यूजी कोलनी रोड से मीर टोला होते हुए मंदिर वापस हुआ ।
इस प्रभात फेरी मे सदगुरु के जय घोष का नरा बुलंद किया जा रहा था ।

महर्षि मेंही महाराज के जीवन चरित्र की चर्चा की गई।


इस अवसर पर आयोजित सतसंग मे महर्षि मेंहीं के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालने के साथ सतसंग की महता पर चर्चा करते हुए स्वामी किशोरानंद जी महाराज ने कहा कि ईश्वर को क्या चाहिए? धूप, दीप, नैवेद्य, आरती? इन सब चीजों की जरूरत ईश्वर को नहीं, लोग इनके द्वारा अपना भाव दिखाते हैं। सूर्य को दीप दिखाते हैं। सूर्य तो स्वयं बहुत प्रकाशमान है। उसको दीपक क्या दिखाना? लेकिन अपना भाव दिखाते हैं। गंगा जी को, यमुना जी को उसी का जल चढ़ाते हैं। गंगा जी को, यमुना जी को उसकी क्या जरूरत? ईश्वर की भक्ति करो, इसके लिए ईश्वर को को क्या ज़रूरत? जैसे जाड़े के समय मे जैसे सूर्य का उदय हुआ, वैसे ही जाड़ा भागा। इसी तरह, जैसे परमात्म-दर्शन हुआ, वैसे दु:ख भागा। लेकिन ईश्वर का भजन पाप वृत्ति से नहीं होगा, विषयी होने से नहीं होगा। पापवृत्ति छोड़ो, विषय का त्याग करो। ईश्वर-भजन ईश्वर से प्रेम करने से होगा, ध्यानयोग से होगा।
इस ध्यानयोग से चलते-चलते आखिर में ईश्वर-दर्शन होगा।
स्वामी महेशानंद जी महराज ने कहा कि मन और दृष्टि का बहुत संबंध है ।जहाँ आप देखेंगे ,मन वही रहेगा ,इसलिए इन्द्रियों को बस मे कर ध्यान साधना कीजिए ।
स्वामी श्याम बाबा ने कहा ईश्वर के भजन बिना संसार मे कुछ भी नही है इसलिए परमात्मा से आत्मा को मिलाने के लिए ईश्वर का भजन करना चाहिए ।
इस जंयती के अवसर पर विशाल भंडारा का आयोजन किया गया ,जिसमे हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया ।

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